सीजी भास्कर, 12 नवंबर | दंतेवाड़ा। Dantewada Jail Break Case : छत्तीसगढ़ पुलिस ने आखिरकार उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जो करीब 7 महीने पहले जेल की दीवार फांदकर फरार (Jail Escape) हो गया था। यह वही मामला है जिसने दंतेवाड़ा जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए थे। अब पुलिस ने लगातार तीन जिलों में सर्च ऑपरेशन चलाकर आरोपी को चितालंका के जंगल से घेराबंदी में पकड़ लिया है।
7 महीने से था फरार, तीन जिलों में पुलिस को देता रहा चकमा
पकड़ा गया आरोपी महेंद्र दीवान है, जो साल 2024 से चोरी के मामले में सजा काट रहा था। 3 अप्रैल 2025 को उसने अपने एक साथी के साथ जेल की दीवार फांदकर भागने की कोशिश की थी। हालांकि उसका साथी नाकाम रहा, लेकिन महेंद्र भागने में सफल रहा।
तब से लेकर अब तक पुलिस इसकी तलाश में लगातार जुटी थी। टीम ने बस्तर, नारायणपुर और बीजापुर (Bastar, Narayanpur, Bijapur) जिलों में कई बार रेड की कार्रवाई की, लेकिन हर बार आरोपी कुछ कदम आगे निकल जाता था।
चितालंका के जंगल में छिपा था, घेराबंदी में दबोचा गया
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चितालंका (Chitalanka) के घने जंगलों में छिपा है। जानकारी की पुष्टि के बाद पुलिस ने चार टीमों का गठन किया और रातभर इलाके की घेराबंदी की।
सुबह होते ही जवानों ने जंगल को चारों ओर से घेर लिया और आरोपी को दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय महेंद्र ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के जाल में फंस गया।
7.50 लाख की चोरी के मामले में था सजा काट रहा
आरोपी महेंद्र दीवान गीदम की एक कैंटीन से ₹7.50 लाख की चोरी (Theft Case) के मामले में जेल की सजा काट रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि फरार रहने के दौरान वह लगातार ठिकाने बदलता रहा ताकि पुलिस उसे ट्रैक न कर सके। साइबर टीम की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया गया, जिससे गिरफ्तारी संभव हो सकी।
पुलिस ने दी जानकारी – चार टीमों ने मिलकर किया ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के लिए बनाए गए ऑपरेशन में कुल चार टीमों (Police Teams) ने हिस्सा लिया। हर टीम को अलग दिशा से जंगल में भेजा गया था ताकि कोई रास्ता खुला न रहे।
एएसपी आर.के. बर्मन ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर फिर से जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि फरारी के दौरान आरोपी के संपर्क में रहे लोगों की भी जांच की जा रही है।
सबक बनी यह गिरफ्तारी – जेल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह मामला न सिर्फ फरार आरोपी की गिरफ्तारी से जुड़ा है बल्कि जेल सुरक्षा (Jail Security) पर भी गंभीर सवाल उठाता है। पुलिस विभाग ने अब जेल प्रशासन को सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो सके।





