सीजी भास्कर, 30 अप्रैल : बस्तर के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर स्थिति सामने आई है। दंतेवाड़ा जिले के गीदम रेंज अंतर्गत गुमलनार इलाके में वन विभाग ने तेंदुए के शिकार के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। विभाग की टीम ने तेंदुए की खाल के साथ पाँच शिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है。
जिंदा तेंदुए की हत्या और मांस का सेवन
इस दंतेवाड़ा तेंदुआ शिकार मामला (Dantewada Leopard Poaching Case) में शिकारियों की क्रूरता ने सबको झकझोर दिया है। पकड़े गए आरोपितों ने पहले तेंदुए को तार के फंदे में फंसाया और फिर उसे जिंदा हालत में कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि शिकारियों ने तेंदुए की खाल निकालने के बाद उसके मांस का सेवन भी किया और खाल को ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी में थे।
मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक
डीएफओ रंगनाधा रामाकृष्णा वाय को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इस दंतेवाड़ा तेंदुआ शिकार मामला (Dantewada Leopard Poaching Case) में त्वरित कार्रवाई की गई। बचेली रेंजर डॉ. प्रीतेश पांडेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया गया और आरोपितों को खाल समेत धर दबोचा गया। वन विभाग ने सभी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है。
बस्तर में बेखौफ शिकारी, दो साल का रिकॉर्ड डराने वाला
बस्तर संभाग में वन्यजीवों का अवैध शिकार एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि कांकेर, कोंडागांव, सुकमा और बीजापुर जैसे इलाकों में हिरण, जंगली सूअर और यहाँ तक कि बाघों का भी शिकार किया गया है। अकेले पिछले दो साल में बाघ के शिकार के चार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि एक माह पहले ही दंतेवाड़ा में बाघ की खाल के साथ तस्कर पकड़े गए थे।
निगरानी और सुरक्षा की चुनौतियां
घने जंगल और सीमित संसाधनों के कारण वन्यजीवों की निगरानी विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। शिकारी अब देसी हथियारों और बिजली के तारों के फंदों का व्यापक इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इस दंतेवाड़ा तेंदुआ शिकार मामला (Dantewada Leopard Poaching Case) में मिली सफलता ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत मुखबिर तंत्र और संयुक्त अभियान के जरिए शिकारियों पर शिकंजा कसा जा सकता है। वन अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा。


