Death Case Balodabazar: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र में चार माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि सर्दी-खांसी के इलाज के नाम पर लगाए गए इंजेक्शन के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मामला सामने आने के बाद (Maternal Health Negligence) को लेकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
बिना डिग्री इलाज का आरोप, हालत बिगड़ी
परिजनों के मुताबिक महिला गांव के ही एक व्यक्ति के क्लिनिक पर गई थी, जो वर्षों से बिना पंजीकरण इलाज कर रहा था। इंजेक्शन के कुछ देर बाद उल्टियां शुरू हुईं, सांस लेने में दिक्कत हुई और वह बेहोश हो गई। इस पूरे घटनाक्रम को (Medical Malpractice) की आशंका के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि ऐसे इंजेक्शन केवल प्रशिक्षित डॉक्टर ही लिख सकते हैं।
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत, पोस्टमॉर्टम से इनकार
महिला को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार परिजनों ने लिखित रूप से पोस्टमॉर्टम से इनकार किया और उसी दिन अंतिम संस्कार कर दिया। नाक से झाग और खून निकलने की बात सामने आने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
क्लिनिक सील, अवैध दवाइयां और गांजा जब्त
घटना के बाद राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी के क्लिनिक पर छापा मारा और उसे सील कर दिया। तलाशी में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां और गांजा बरामद हुआ। कार्रवाई को (Illegal Clinic Raid) के तहत दर्ज किया गया है, जिससे अवैध इलाज के नेटवर्क पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
नोटिस जारी, रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि बिना योग्यता उपचार करना कानूनन अपराध है और रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्तर पर अवैध क्लिनिकों की पहचान कर आगे भी अभियान चलाने की तैयारी है।






