Delhi NCR Air Pollution Emergency : दिल्ली-एनसीआर में सुबह की शुरुआत ही दमघोंटू हवा के साथ हुई। आसमान में धुंध की मोटी चादर, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत—इन सबने साफ कर दिया कि हालात सामान्य नहीं हैं। कई इलाकों में दृश्यता इतनी कम रही कि सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।
AQI खतरनाक स्तर पर, हालात ‘बहुत गंभीर’ श्रेणी में
केंद्रीय निगरानी आंकड़ों के मुताबिक राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 490 के पार दर्ज किया गया। यह स्तर सीधे तौर पर स्वास्थ्य आपात स्थिति की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर की हवा लंबे समय तक संपर्क में रहने पर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
GRAP-4 लागू, प्रशासन ने कसे सबसे सख्त शिकंजे
प्रदूषण के बेकाबू होते ही ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का चौथा चरण लागू कर दिया गया। GRAP-4 के तहत उन सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है जो हवा में धूल और जहरीले कण बढ़ाती हैं। यह कदम हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए उठाया गया है।
स्कूलों पर असर, बच्चों की सेहत को प्राथमिकता
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कक्षा 5 तक की पढ़ाई को हाइब्रिड मोड में चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर ऊपरी कक्षाओं की फिजिकल क्लासेज पर भी रोक लगाई जा सकती है। फैसला बच्चों को जहरीली हवा के सीधे संपर्क से बचाने के लिए लिया गया है।
निर्माण कार्य ठप, धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर ब्रेक
GRAP-4 के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में सभी निर्माण और तोड़फोड़ के काम पूरी तरह रोक दिए गए हैं। स्टोन क्रशर, माइनिंग और खुले में धूल पैदा करने वाले कार्य बंद कर दिए गए हैं, ताकि हवा में PM स्तर को नियंत्रित किया जा सके।
सड़कों पर सख्ती, पुराने वाहनों की एंट्री बंद
प्रदूषण नियंत्रण के तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर रोक लगा दी गई है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर ट्रकों की राजधानी में एंट्री बंद है। केवल CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI मानकों वाले वाहनों को छूट दी गई है।
ऑफिस 50% क्षमता पर, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा
भीड़ और ट्रैफिक कम करने के उद्देश्य से सरकारी और निजी दफ्तरों को आधी क्षमता पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। शेष कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिक विकल्प बनाया गया है, ताकि सड़क पर वाहनों का दबाव घट सके।
नागरिकों से अपील, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और खुले में व्यायाम से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामूहिक सतर्कता ही इस प्रदूषण आपात स्थिति से बाहर निकलने का सबसे कारगर रास्ता है।





