Deputy Leader of Opposition Chhattisgarh: रायपुर से आई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विधानसभा के भीतर अपनी टीम को नए सिरे से धार देने की कवायद शुरू कर दी है। हालिया नियुक्तियों को आने वाले सत्रों के लिए रणनीतिक संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, ताकि विपक्ष की आवाज़ को और संगठित ढंग से रखा जा सके।
बस्तर क्षेत्र से विधायक लखेश्वर बघेल को विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के भीतर इसे क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ ग्राउंड कनेक्ट मजबूत करने की पहल माना जा रहा है। नए रोल में उनसे सत्र के दौरान मुद्दों को आक्रामक लेकिन तथ्यों के साथ रखने की उम्मीद जताई जा रही है—यही Lakheswar Baghel Deputy Leader नियुक्ति का राजनीतिक संकेत है।
Congress Chief Whip Chhattisgarh के तौर पर दलेश्वर साहू को अहम भूमिका
विधानसभा में पार्टी अनुशासन और रणनीतिक समन्वय की जिम्मेदारी अब दलेश्वर साहू के कंधों पर होगी। उन्हें चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है, जिससे सदन में पार्टी लाइन को एकजुट रखने में मदद मिलेगी। वहीं, दिलीप लहरिया को डिप्टी व्हिप बनाया गया है—यह जोड़ी संगठनात्मक तालमेल को मजबूत करेगी, जो Congress Chief Whip Chhattisgarh के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।
ईकमान की सहमति, जमीनी तैयारी का संकेत
इन नियुक्तियों पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सहमति के बाद मुहर लगी है। इसे महज पदों का फेरबदल नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है। विपक्ष की भूमिका को धार देने के लिहाज से यह Opposition Strategy Update आने वाले सत्रों में असर दिखा सकता है।
संगठन के भीतर संदेश: समन्वय, अनुशासन और क्षेत्रीय संतुलन
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नई जिम्मेदारियों का मकसद संगठनात्मक अनुशासन के साथ क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना है। नेतृत्व चाहता है कि विधानसभा के भीतर मुद्दे मजबूती से उठें और फील्ड से फीडबैक सीधे नेतृत्व तक पहुंचे—यानी रणनीति और जमीन, दोनों का बेहतर मेल।







