जम्मू-कश्मीर।
प्रदेश में लगातार भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। ताज़ा घटनाओं में रियासी जिले के महौर क्षेत्र में भूस्खलन और रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में बादल फटने से बड़ी जनहानि हुई है।
रियासी में भूस्खलन
भारी बारिश से रियासी जिले में कई जगहों पर पहाड़ खिसक गए। मलबे से अब तक 7 शव बरामद किए गए हैं और कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
प्रभावित इलाकों में मकान ढह गए और सड़क मार्ग बंद हो गए। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिया है।
रामबन में क्लाउडबर्स्ट
रामबन के राजगढ़ इलाके में शुक्रवार देर रात बादल फट गया। इससे आई बाढ़ में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं।
निचले इलाकों में पानी भर जाने से मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
लगातार बिगड़ते हालात
अगस्त 2025 के दौरान जम्मू-कश्मीर में लगातार फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड्स की घटनाएं हो रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने केवल जम्मू क्षेत्र में ही 36 से अधिक लोगों की जान गई है।
खासकर रियासी, डोडा, सांबा और कठुआ जिलों में सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है।
इससे पहले 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी गांव में भीषण क्लाउडबर्स्ट में करीब 60 लोगों की मौत हो गई थी।
फ्लैश फ्लड ने कई घर, पुल और श्रद्धालुओं के कैंप बहा दिए थे।
क्लाउडबर्स्ट क्या होता है?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जब किसी छोटे क्षेत्र (20–30 वर्ग किमी) में एक घंटे में 10 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश होती है, तो उसे क्लाउडबर्स्ट कहते हैं।
यह घटना ज़्यादातर पहाड़ी इलाकों में होती है।
- बादलों में जमा पानी का भार बढ़ने पर अचानक मूसलाधार बारिश होती है।
- मिनटों में फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड और मडफ्लो जैसी आपदाएं पैदा हो जाती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्लाइमेट चेंज के कारण इन घटनाओं की संख्या और तीव्रता बढ़ रही है।