सीजी भास्कर, 27 मार्च। धमतरी जिले में खाद्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुरूद स्थित एक राइस मिल में भारी अनियमितताओं (Dhamtari Rice Mill Raid) का खुलासा किया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर की गई इस आकस्मिक जांच में स्टॉक और दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्टॉक और जमा चावल में बड़ा अंतर
जांच के दौरान पता चला कि फर्म द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग के लिए 1,27,999.9 क्विंटल धान का अनुबंध किया गया था, जिसमें से 1,11,584.5 क्विंटल धान उठाया गया। इसके आधार पर 76,346.26 क्विंटल चावल जमा किया जाना था, लेकिन मिल संचालक ने केवल 34,970.02 क्विंटल चावल ही जमा किया। इस तरह 41,376.24 क्विंटल चावल अभी भी जमा नहीं किया गया है, जो बड़ी अनियमितता मानी जा रही है।
भौतिक जांच में भी सामने आई कमी
मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन में मिल परिसर में 54,715 क्विंटल धान की कमी (Dhamtari Rice Mill Raid) पाई गई। इसके अलावा संचालक द्वारा आवश्यक बी-1 दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए और खाद्य विभाग को मासिक विवरणी भी नहीं दी गई थी। मिल में स्टॉक बोर्ड तक नहीं पाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
नियमों का उल्लंघन, केस दर्ज
खाद्य विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन मानते हुए प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
प्रशासन की सख्ती जारी
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने साफ कहा है कि पंजीकृत राइस मिलरों द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त (Dhamtari Rice Mill Raid) नहीं की जाएगी। समय पर चावल जमा न करने या धान उठाव में गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


