सीजी भास्कर, 5 दिसंबर। धनबाद के केंदुआडीह कोयला क्षेत्र में बुधवार दोपहर अचानक जहरीली गैस (Dhanbad Gas Leak) फैलने से अफरा-तफरी मच गई, जहां तेज दुर्गंध के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और अब तक दो महिलाओं की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 24 से अधिक लोग उल्टी, चक्कर, सांस फूलने और बेचैनी जैसे लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
यह इलाका भूमिगत कोयले में लगी आग और भू-धंसान के कारण पहले ही डेंजर ज़ोन घोषित है। मृत महिलाओं की पहचान ललिता देवी और प्रियंका देवी के रूप में हुई है, हालांकि मौत का कारण विषैली गैस है या अन्य कोई वजह, इसे लेकर स्पष्ट निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही निकल सकेगा।
घटना के बाद जिले में हड़कंप मच गया, लोग अपने घर छोड़कर सड़क (Dhanbad Gas Leak) पर निकल आए और कई स्थानों पर स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा प्रबंधन को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया, क्योंकि उनका आरोप है कि प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन लंबे समय से खतरे से वाकिफ थे, फिर भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
जिलाधिकारी आदित्य रंजन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है और बीसीसीएल को प्रभावित परिवारों तथा बीमार पड़े लोगों के लिए तत्काल राहत व मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
धनबाद क्षेत्र में यह कोई पहली दुर्घटना नहीं है, इससे पहले सितंबर में कतरास क्षेत्र में भूमि धंसने से सर्विस वैन 300 फीट नीचे गिर (Dhanbad Gas Leak) गई थी जिसमें 6 मजदूरों की मौत हुई थी, वहीं अगस्त में केंदुआ के गोधर इलाके में एक महिला घर के बाहर खड़े-खड़े जमीन के भीतर समा गई थी और उसे डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया था,
जिससे साफ होता है कि यह पूरा इलाका लगातार मौत के जोखिम के बीच जी रहा है जहां न जाने कब जमीन धंस जाए, कब गैस सतह पर निकल आए और कब एक और अनहोनी जिंदगी छीन ले।






