सीजी भास्कर, 11 नवंबर। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और सबके प्रिय “ही-मैन” धर्मेंद्र (Dharmendra Death News 2025) का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है। रविवार देर रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल (Breach Candy Hospital, Mumbai) में उन्होंने अंतिम सांस ली। बीते कई दिनों से वह बीमार चल रहे थे और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया था।
एक युग का हुआ अंत, फैंस में छाई शोक की लहर
हिंदी सिनेमा के इतिहास में धर्मेंद्र का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। (Dharmendra Bollywood Legend) ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘अनुपमा’, ‘फूल और पत्थर’ जैसी दर्जनों फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय से करोड़ों दिलों को जीता। उनके निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। फैंस सोशल मीडिया पर “#RIPDharmendra” और “#LegendForever” ट्रेंड कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
रातभर अस्पताल में मौजूद रहा देओल परिवार
धर्मेंद्र के निधन के वक्त पूरा देओल परिवार (Deol Family) उनके साथ था। बेटे सनी देओल और बॉबी देओल रातभर अस्पताल में मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात उनकी सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई थी। डॉक्टर्स ने तुरंत उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
राजनीति और सिनेमा जगत ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मेंद्र के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा —
“धर्मेंद्र जी का निधन कला और सिनेमा जगत की अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति और परिवार को शक्ति प्रदान करें।”
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा —
“धर्मेंद्र जी ने भारतीय सिनेमा को एक नई ऊंचाई दी। वे न केवल एक शानदार अभिनेता थे, बल्कि एक सच्चे इंसान भी थे।”
‘इक्कीस’ होगी धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म
धर्मेंद्र जल्द ही अपनी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस (Ekkis)’ में नजर आने वाले थे, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है।
फिल्म में उनके साथ अगस्त्य नंदा, जयदीप अहलावत, और सिमर भाटिया नजर आएंगे। इसे निर्देशक श्रीराम राघवन ने बनाया है और दिसंबर 2025 में रिलीज किया जाना है।
‘ही-मैन’ से लेकर ‘शोले’ तक – धर्मेंद्र का सुनहरा सफर
धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना जिले में हुआ था। 1958 में ‘दिल भी तेरा, हम भी तेरे’ से उन्होंने फिल्मों में कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी जोड़ी हेमा मालिनी के साथ सबसे लोकप्रिय रही, और दोनों की प्रेम कहानी भी सिनेमा जगत की यादगार दास्तान बन गई।
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक पूरे युग के अंत जैसा है। उनकी मुस्कान, सादगी और दिलकश अंदाज हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।





