सीजी भास्कर, 21 दिसंबर। राजधानी रायपुर के डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल (DKS Super Speciality Hospital) में छह माह से बंद पड़ी 44 डायलिसिस मशीनें (Dialysis Machines) जल्द ही चालू कर दी जाएंगी। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश अग्रवाल ने गुरुवार को अस्पताल का निरीक्षण किया और कई खामियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान यह जानकारी मिली कि अस्पताल में कुल 54 डायलिसिस मशीनें हैं, जिनमें से केवल 10 ही संचालित हो रही थीं। बाकी 44 मशीनें निविदा प्रक्रिया में अटकी हुई थीं। आयुक्त ने इन मशीनों की तत्काल निविदा स्वीकृति (Tender Approval) देने के आदेश दिए, ताकि मरीजों को डायलिसिस की सुविधा में कोई रुकावट न आए।
ऑक्सीजन प्लांट और डिजिटल मशीनें जल्द
आयुक्त ने अस्पताल में स्थापित लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (Liquid Medical Oxygen) गैस प्लांट को सात दिनों के भीतर चालू करने और डिजिटल प्रेशर रीडिंग वाली सेमी-आटोमेटिक मशीन लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, अस्पताल की सफाई, उपकरण, मानव संसाधन और मरीजों की सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान 25 प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल सुधार के आदेश जारी किए गए।
डॉक्टरों की भर्ती और मानव संसाधन सुधार
आयुक्त ने जूनियर और सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की कमी को गंभीर माना और वाक-इन इंटरव्यू (Walk-in Interview) के माध्यम से संविदा भर्ती की स्वीकृति दी। इसके साथ ही नियमित पदों की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और निर्माण कार्य
सीजीएमएससी अधिकारियों को अस्पताल परिसर में निर्माण कार्य तेजी से करने को कहा गया। मेडिकल छात्रों के लिए हॉस्टल (Hostel) और शिक्षकों के लिए क्वार्टर (Quarters) बनाने के लिए चिन्हित जगह से पेड़ काटकर तत्काल कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, खराब एयर कंडीशनर, डायलिसिस वार्ड के सामने पासेज और दीवारों की मरम्मत का भी निर्देश दिया गया।
आयुक्त रितेश अग्रवाल ने कहा कि डीकेएस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल को मरीजों के लिए आधुनिक और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। डायलिसिस मशीनों का संचालन, ऑक्सीजन प्लांट की सक्रियता और बेहतर डॉक्टर स्टाफ के माध्यम से अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों बढ़ाई जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन और आधुनिक व्यवस्था
डिजिटल बिलिंग (Digital Billing): आइपीडी, ओपीडी और बिलिंग का 100% कार्य अब ई-हॉस्पिटल नेक्स्ट जेन सॉफ्टवेयर से होगा।
मरीज फीडबैक (Patient Feedback): इलाज और सुविधाओं पर नियमित फीडबैक लिया जाएगा।
बिस्तरों की संख्या (Bed Capacity): न्यूरो सर्जरी, बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी वार्ड और आइसीयू में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
साफ-सफाई (Sanitation): नेफ्रोलॉजी ओपीडी और ऑक्सीजन प्लांट क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
कंडम सामान (Condemned Items): खराब स्ट्रेचर, पुराने सोफे और वर्षों से खड़ी गाड़ियों को कंडम कर हटाया जाएगा।
बायो-मेडिकल वेस्ट (Bio-Medical Waste): नगर निगम और आयुक्त कार्यालय के समन्वय से कचरा निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त होगी।
स्किन बैंक (Skin Bank): अस्पताल में संचालित स्किन बैंक का रिनोवेशन किया जाएगा।
पीआरओ नियुक्ति (PRO Appointment): मरीजों की सहायता के लिए एक पीआरओ असाइन किया जाएगा।






