DIG SSP Durg : अप्रैल महीने की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में सूर्यदेव के तेवर तल्ख हो गए हैं। आसमान से बरसती आग और तपती सड़कों के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना ट्रैफिक जवानों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। जवानों की इसी परेशानी और सेहत को ध्यान में रखते हुए दुर्ग पुलिस ने एक सराहनीय और संवेदनशील कदम उठाया है।
DIG/SSP ने खुद बांटी राहत सामग्री
शुक्रवार, 10 अप्रैल को पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दुर्ग ने यातायात विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के लिए एक विशेष ‘राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम’ आयोजित किया। इस दौरान घंटों धूप और धूल के बीच खड़े रहकर ड्यूटी निभाने वाले जवानों को गर्मी से बचाव के लिए निम्नलिखित सामग्री प्रदान की गई:
- सफेद गमछे: सिर और गर्दन को सीधी धूप से बचाने के लिए।
- इंसुलेटेड वॉटर बॉटल: लंबे समय तक पानी को ठंडा रखने के लिए विशेष बोतलें।

‘हीट स्ट्रोक’ से बचाव के लिए कड़े निर्देश
सामग्री वितरण के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों का मनोबल बढ़ाया और स्वास्थ्य को लेकर कुछ जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए:
- हाइड्रेशन: ड्यूटी के दौरान प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
- सुरक्षा कवच: लू और सीधे सनबर्न से बचने के लिए सिर व गर्दन को सफेद गमछे से ढंककर रखें।
- इमरजेंसी रिपोर्टिंग: यदि ड्यूटी के दौरान चक्कर आए, कमजोरी महसूस हो या जी मिचलाए, तो तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें।
कार्यक्षमता और मनोबल पर जोर
यातायात विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि सड़क पर तैनात जवान सुबह से देर शाम तक भीषण गर्मी का सामना करते हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल सामग्री बांटना नहीं, बल्कि जवानों को यह अहसास कराना है कि विभाग उनकी सेहत के प्रति गंभीर है। इससे न केवल उनका शारीरिक कष्ट कम होगा, बल्कि उनकी कार्यक्षमता (Efficiency) और मनोबल में भी वृद्धि होगी।
शहर के नागरिकों ने भी दुर्ग पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना की है।


