नई दिल्ली:
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब 10वीं और 12वीं कक्षा की आंसर-शीट्स का डिजिटल मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड अनुभवी एजेंसियों का चयन करेगा, जिनके पास पहले से ही स्कूल बोर्ड, विश्वविद्यालय या सरकारी परीक्षा निकायों में डिजिटल मूल्यांकन का अनुभव हो।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद लागू होगा सिस्टम
CBSE की गवर्निंग बॉडी मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों में कुछ विषयों पर पायलट प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद ही यह सिस्टम सभी विषयों पर लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि CBSE ने पहले भी 2014 में 10वीं और 2015 में दिल्ली रीजन में 12वीं की परीक्षाओं के कुछ विषयों में डिजिटल मूल्यांकन की शुरुआत की थी, जो सफल रही थी।
28 करोड़ रुपये का बजट, मिलेगी पारदर्शिता
डिजिटल मूल्यांकन परियोजना पर लगभग 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस तकनीक से न सिर्फ मूल्यांकन में तेजी आएगी बल्कि क्षेत्रीय असमानता भी खत्म होगी। बोर्ड का मानना है कि यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत और पारदर्शी बनाएगा।
2026 से 9वीं कक्षा में ‘ओपन-बुक’ एग्जाम
CBSE ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 9वीं कक्षा में ‘ओपन-बुक’ परीक्षा शुरू करने की मंजूरी भी दे दी है। यह सिस्टम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप होगा और इसमें गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के पेपर शामिल होंगे।
इसका मकसद छात्रों की रटने की आदत को कम कर, उनकी समझ और विश्लेषण क्षमता का मूल्यांकन करना है।





