Digvijaya Singh BJP Allegation: राजधानी रायपुर में अर्जुन सिंह की विरासत को समर्पित कार्यक्रम के दौरान अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देश की मौजूदा सियासत पर खुलकर अपनी बात रखी। अर्जुन सिंह सद्भावना फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित सेमिनार में तेंदूपत्ता नीति—“मजदूर से मालिक”—पर चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वक्ताओं ने विकास के साथ सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया।
‘ध्रुवीकरण की राजनीति से समाज में ज़हर घुला’
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सियासी ध्रुवीकरण से समाज का ताना-बाना कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर बहुसंख्यक समुदाय को उकसाने की राजनीति हो रही है, वहीं दूसरी ओर अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को भड़काकर वोट-बैंक साधने की कोशिशें दिखती हैं। उनके मुताबिक, (Hate Politics) का असर ज़मीनी रिश्तों पर पड़ रहा है और इससे सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंच रही है।
नक्सलवाद पर साफ रुख—‘अहिंसा ही रास्ता’
नक्सलवाद को लेकर दिग्विजय सिंह ने दो टूक कहा कि कांग्रेस हिंसा के किसी भी रूप की समर्थक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक–आर्थिक मुद्दों पर संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। उनके मुताबिक, शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाना जरूरी है, लेकिन (Non-Violence Policy) के बिना कोई आंदोलन टिकाऊ नहीं हो सकता। मध्यप्रदेश में अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए उन्होंने सांप्रदायिक तनाव को रोकने के प्रयासों का उल्लेख किया।
आदिवासियों को बताया ‘देश का मूल निवासी’
पूर्व सीएम ने आदिवासी समाज को देश का मूल निवासी बताते हुए उनके अधिकारों और संसाधनों की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तौर पर आदिवासी समुदाय को हाशिये पर धकेला गया और विकास की योजनाओं में उनकी हिस्सेदारी कम रही। उनके अनुसार, (Tribal Rights) को नीति-निर्माण के केंद्र में रखना समय की मांग है, ताकि सामाजिक न्याय को मजबूत आधार मिल सके।
छत्तीसगढ़ से जुड़ाव, राजनीति में बदले समीकरणों का ज़िक्र
छत्तीसगढ़ के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के अलग होने के बाद सियासी समीकरण बदले और इसका असर चुनावी नतीजों में दिखा। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर फोकस करने की अपील की। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए वैश्विक मंच पर लिए जा रहे फैसलों को लेकर टिप्पणी की।






