सीजी भास्कर, 19 सितंबर। देशभर में दहशत फैलाने वाले गोल्डी बरार, रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई जैसे गैंगस्टरों (Disha Patani Case Firing) की यूपी में दाल कभी नहीं गली। जब-जब इस गैंग ने उत्तर प्रदेश की जमीन पर पैर जमाने की कोशिश की, तब-तब एसटीएफ ने इन्हें करारा जवाब दिया। ताजा मामला फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का है, जहां गोल्डी-रोहित ने अपनी मौजूदगी दर्ज करानी चाही, लेकिन महज छह दिनों के भीतर ही एसटीएफ ने इस वारदात की गुत्थी सुलझाकर दोनों शूटरों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
लॉरेंस से अलग हुआ नया गैंग
दरअसल, पहले गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई एक ही सिंडिकेट (Disha Patani Case Firing) का हिस्सा थे। यूपी से लेकर हरियाणा तक इन्हें हथियारों की सप्लाई बुलंदशहर जैसे जिलों से होती थी। लेकिन पैसों को लेकर विवाद हुआ और रास्ते अलग हो गए। इसके बाद गोल्डी के साथ रोहित गोदारा और काला जठेड़ी आ गए, जिनकी टीम में कई खतरनाक शूटर शामिल हैं। इन्हीं के जरिए दिशा पाटनी के घर फायरिंग कर यूपी में दहशत फैलाने की कोशिश हुई।
एसटीएफ के पुराने ऑपरेशन
यह पहला मौका नहीं है जब यूपी एसटीएफ ने इस नेटवर्क की कमर तोड़ी हो।
मई 2024 में हापुड़ में मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ ने लॉरेंस गैंग के शूटर नवीन कसाना को मार गिराया था।
दिसंबर 2024 में मेरठ से एक लाख के इनामी मनप्रीत सिंह उर्फ सन्नी को दबोचा गया, जो दिल्ली और पंजाब में कई केसों में वॉन्टेड था।
मुंबई के विधायक बाबा सिद्दीकी पर हमले की साजिश रचने वाले लॉरेंस गैंग के शूटरों को भी यूपी से गिरफ्तार किया गया था।
यूपी के युवाओं को बना रहे थे हथियार
चौंकाने वाली बात यह है कि गोल्डी और लॉरेंस गैंग अपने वारदातों में खासतौर पर यूपी के नाबालिग और कम उम्र के युवाओं को इस्तेमाल करते रहे हैं। मोहाली के इंटेलिजेंस हेडक्वॉर्टर (Disha Patani Case Firing) पर आरपीजी अटैक के मुख्य आरोपित का कनेक्शन अयोध्या से निकला था। गुरुग्राम के बार फायरिंग केस में मेरठ के सचिन तालियान का नाम सामने आया। जयपुर और अबाला में हुए हमलों में भी यूपी से हथियार और शूटर जुड़े पाए गए।
संदेश साफ: यूपी में नहीं चलेगी दहशतगर्दी
पिछले एक साल में लगातार हुई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि यूपी में संगठित अपराध सिंडिकेट के लिए कोई जगह नहीं है। एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई और खुफिया एजेंसियों के सहयोग से इस गैंग की जड़ें राज्य में गहराने से पहले ही उखाड़ दी जाती हैं।





