सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। यह दौरा जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को परखने के उद्देश्य से किया गया, जिसे जिला अस्पताल निरीक्षण (District Hospital Janjgir Inspection) के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री के साथ इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक संजीव झा और सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मरीजों और उनके परिजनों से संवाद कर उपचार संबंधी अनुभव भी जाने। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही नवजात शिशुओं के बेहतर और सुरक्षित उपचार के लिए 10 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का भी उद्घाटन किया गया। मंत्री ने कहा कि 10 बेड के इस एनआईसीयू से अब जांजगीर-चांपा और आसपास के क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को गंभीर स्थिति में उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह सुविधा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत साबित होगी और जिला अस्पताल निरीक्षण (District Hospital Janjgir Inspection) के दौरान यह एक अहम उपलब्धि के रूप में सामने आई।
स्वास्थ्य मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत किए गए विकास कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने जिला कलेक्टर जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना एक सराहनीय पहल है। इससे जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार सुदृढ़ हो रही हैं और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो पा रहा है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक व्यवहार और त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। दवाओं की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ओपीडी और एनआईसीयू जैसी सुविधाओं का सही संचालन तभी सफल होगा, जब डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और प्रशासनिक अमले के बीच बेहतर समन्वय रहेगा।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने नई सुविधाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य मंत्री का यह औचक निरीक्षण न केवल जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को परखने का माध्यम बना, बल्कि इससे स्वास्थ्य अमले में भी जवाबदेही और सेवा भावना को और मजबूती मिली। जिला अस्पताल निरीक्षण (District Hospital Janjgir Inspection) के जरिए यह स्पष्ट संदेश गया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।






