सीजी भास्कर, 27 दिसंबर | ट्वीनसिटी भिलाई में इन दिनों धार्मिक माहौल चरम पर है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा आयोजित दिव्य हनुमंत कथा के बीच आज विशेष दिव्य दरबार (Divya Darbar Bhilai) का आयोजन किया जा रहा है। कथा स्थल प्रगति मैदान में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी देखी जा रही है, जहां लोग आधी रात से अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी से बढ़ा कार्यक्रम का महत्व
आज के दिव्य दरबार में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति भी तय मानी जा रही है। मुख्यमंत्री की भागीदारी से कार्यक्रम का प्रशासनिक और सामाजिक महत्व और बढ़ गया है। आयोजन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
50 से अधिक परिवारों की सनातन में वापसी
दिव्य दरबार के दौरान आज 50 से ज्यादा परिवारों द्वारा घर वापसी (Ghar Wapsi Ceremony) किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये वे परिवार हैं, जिन्होंने पूर्व में ईसाई धर्म अपनाया था और अब स्वेच्छा से सनातन धर्म में लौटने का निर्णय लिया है। आयोजकों के अनुसार, यह प्रक्रिया धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पूरी की जाएगी।
कांकेर घटनाक्रम के बाद बढ़ी घर वापसी की संख्या
हाल के दिनों में कांकेर जिले में सामने आए एक विवाद के बाद से कई क्षेत्रों में सनातन धर्म वापसी (Sanatan Dharma Return) की घटनाएं सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, कांकेर क्षेत्र में ही लगभग 10 परिवारों के 50 से अधिक लोगों ने पहले ही घर वापसी कर ली है, जिससे इस विषय पर सामाजिक बहस भी तेज हुई है।
आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण को लेकर चिंता
छत्तीसगढ़ के वनांचल और आदिवासी बहुल इलाकों में धर्मांतरण को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों का आरोप है कि प्रार्थना सभाओं की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है। इसी पृष्ठभूमि में धर्मांतरण मुद्दा (Religious Conversion Issue) एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
धार्मिक संगठनों की सक्रियता से बदला माहौल
बीते कुछ समय से विभिन्न हिंदू संगठनों की सक्रियता भी बढ़ी है, जो धर्मांतरण के मामलों पर नजर रखे हुए हैं। आयोजकों का कहना है कि दिव्य दरबार जैसे कार्यक्रम लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं और यही वजह है कि ऐसे आयोजनों में भीड़ लगातार बढ़ रही है।






