देश की चुनावी व्यवस्था में आज एक महत्वपूर्ण चरण जुड़ने जा रहा है। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद तैयार की गई Draft Voter List सार्वजनिक की जाएगी। यह सूची आगामी अंतिम मतदाता सूची की बुनियाद मानी जा रही है।
मध्य प्रदेश में बड़े बदलाव के संकेत
प्रारंभिक आंतरिक आकलन के मुताबिक मध्य प्रदेश में मतदाता सूची में उल्लेखनीय संशोधन देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि लगभग 41.8 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हो सकते हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 7 प्रतिशत से अधिक है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह आंकड़ा केवल सत्यापन आधारित अनुमान है, अंतिम पुष्टि आगे की प्रक्रिया के बाद होगी।
नाम हटने की प्रमुख वजहें
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में मतदाता अब जीवित नहीं हैं, कई लंबे समय से अपने पते पर नहीं मिले और बड़ी आबादी दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित हो चुकी है। इसके अलावा डुप्लीकेट एंट्री भी एक अहम कारण रही। चुनाव आयोग का दावा है कि Draft Voter List का उद्देश्य किसी को वंचित करना नहीं, बल्कि सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाना है।
शहरों में प्रतिशत ज्यादा, आंकड़े चौंकाने वाले
राजधानी भोपाल सहित इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में हटाए जाने वाले नामों का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी इलाकों में माइग्रेशन और अस्थायी निवास इसकी बड़ी वजह है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची पर आपत्ति और सुधार का पूरा अवसर दिया जाएगा।
घर-घर सत्यापन बना आधार
इस अभियान की खास बात यह रही कि राज्यभर में 65 हजार से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों को घर-घर जाकर मतदाता विवरण जांचने की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह प्रक्रिया करीब डेढ़ महीने तक चली। वर्ष 2023 में राज्य में 6.65 करोड़ से अधिक मतदाता दर्ज थे, ऐसे में यह अभ्यास चुनावी विश्वसनीयता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। विपक्षी दलों ने प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से आपत्ति दर्ज कराई। आयोग की ओर से कहा गया है कि सभी शिकायतों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा और अंतिम सूची से पहले सुधार का अवसर सभी को मिलेगा।
अंतिम सूची से पहले मौका
चुनाव आयोग के अनुसार ड्राफ्ट जारी होने के बाद आम नागरिक अपने नाम की जांच कर सकेंगे और यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो निर्धारित समयसीमा में दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। इसके बाद संशोधन कर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो चुनाव प्रक्रिया का आधार बनेगी।





