सीजी भास्कर, 17 नवम्बर। बरसात के दौरान शहरों में होने वाले जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ने राज्य के सभी नगरीय निकायों नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत से कहा है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और आवश्यक विकास कार्यों के लिए अपने प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर भेजें। (Drainage System Plan) विभाग के संचालक आर. एक्का ने इसके लिए सभी निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया है।
परिपत्र में कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में वर्षा ऋतु में भारी वर्षा होने पर कई क्षेत्रों में जलभराव उत्पन्न हो जाता है, जिससे नागरिकों को गंभीर असुविधा होती है। आवागमन बाधित होने के साथ-साथ व्यवसायिक गतिविधियों, घरों, दुकानों और संस्थानों में पानी भरने जैसी समस्याएँ हर वर्ष दोहराई जाती हैं। ऐसे में इन चुनौतियों का स्थायी समाधान आवश्यक है।
नगरीय प्रशासन विभाग (Drainage System Plan) ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में जलभराव होता है, वहां नाली-नाला निर्माण, चौड़ीकरण, कांक्रीटीकरण, ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत, एवं पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था जैसे कार्य तत्काल आवश्यक हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि प्रस्ताव तैयार करते समय निकायों को मैदानी निरीक्षण, तकनीकी आवश्यकता, वित्तीय अनुमान और प्राथमिकता सूची अनिवार्य रूप से शामिल करनी होगी।
विभाग ने बताया कि राज्य सरकार बरसात से पहले ही जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि मौसम परिवर्तन के दौरान शहरों में राहत सुनिश्चित की जा सके। प्रस्तावों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें प्रोजेक्ट स्वीकृति, बजट आवंटन और कार्यों की समयबद्ध शुरुआत शामिल है।
(Drainage System Plan) स्थानीय स्तर पर भी तैयारी तेज
कई निकायों ने पहले ही संभावित जलभराव क्षेत्रों की पहचान शुरू कर दी है और सड़क स्तर, नालियों की क्षमता, अवरुद्ध जलमार्गों, तथा पुराने ड्रेनेज सिस्टम का सर्वे कराया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष जलभराव रोकने के लिए व्यापक और तकनीकी रूप से मजबूत योजना बनाने पर जोर दिया जा रहा है।


