सीजी भास्कर, 07 मई। सरगुजा के दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कोरवा परिवारों के बीच इन दिनों राहत की चर्चा सुनाई (Drinking Water) दे रही है। कई गांवों में लोग इस बात को लेकर उम्मीद जता रहे हैं कि अब रोज पानी के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी कम हो सकती है। गर्मी बढ़ने के साथ जिन बस्तियों में पानी सबसे बड़ी चिंता बना हुआ था, वहां प्रशासन की नई तैयारी ने हलचल बढ़ा दी है।
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि कई जगहों पर पेयजल के लिए सुबह से ही मशक्कत शुरू हो जाती थी। महिलाएं और बच्चे दूर के स्रोतों से पानी लाने को मजबूर थे। अब नई योजना के तहत हैंडपंप और बोरवेल की खुदाई शुरू होने की खबर से लोगों में राहत की उम्मीद बढ़ गई है।
सुदूर बस्तियों में होंगे 113 नए कार्य (Drinking Water )
जिले के पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने के लिए 113 हैंडपंप और बोरवेल की खुदाई कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इससे कोरवा बसाहटों में रहने वाले लोगों को स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बढ़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में सरगुजा जिले की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने साफ कहा था कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
एक महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य (Drinking Water)
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरगुजा कलेक्टर और जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष अजीत वसंत ने संबंधित विभागों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के मुताबिक सभी स्थानों का स्थलीय सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका है और एक माह के भीतर सभी 113 कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन विकासखंडों में होगी खुदाई
लुण्ड्रा में 34, बतौली में 6, लखनपुर में 22 और अम्बिकापुर में 11 हैंडपंप तथा बोरवेल लगाए जाएंगे। इसके अलावा सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर विकासखंड में 4 कार्य किए जाएंगे।
जिला खनिज निधि से होगा काम
जिले में यह सभी कार्य जिला खनिज संस्थान न्यास मद से कराए जाएंगे। 24 अप्रैल को आयोजित बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों की सहमति से प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
गांवों के हजारों लोगों को मिलेगी राहत
कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि इस पहल से सैकड़ों गांवों में रहने वाले हजारों लोगों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और दूरस्थ बस्तियों तक मूलभूत सुविधा पहुंच सकेगी।


