सीजी भास्कर, 6 जनवरी। राजधानी में मेडिकल स्टोर (Drug Racket in Medical Stores) की आड़ में चल रहे नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने आपरेशन निश्चय के तहत कार्रवाई करते हुए एएमआर–मेडिकल सप्लाई सिंडिकेट को बेनकाब किया है। इस मामले में चार मेडिकल स्टोर संचालकों सहित एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के कब्जे से कुल 17,808 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट जब्त की गई हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में रत्ना मेडिकल स्टोर संचालक कान्हा कृष्ण कश्यप उर्फ सूरज, काव्या मेडिकोज के संचालक धीमन मजूमदार, प्यारी लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के राहुल वर्मा, भरोसा मेडिकल स्टोर के अकबर और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव आनंद शर्मा शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से (Drug Racket in Medical Stores) के तहत अवैध रूप से नशे में उपयोग होने वाली दवाओं की सप्लाई और बिक्री में संलिप्त थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस इलाज के नाम पर लेकर संचालित कर रहे थे, लेकिन वास्तविकता में इन दुकानों से बिना डॉक्टर की पर्ची और वैध दस्तावेजों के नशीली टेबलेट खुलेआम बेची जा रही थीं। इन दवाओं का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा था, जिससे खासतौर पर युवा वर्ग प्रभावित हो रहा था। क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।
ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा
पांच जनवरी को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुशालपुर स्थित रत्ना मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित टेबलेट का अवैध विक्रय किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने प्वाइंटर भेजकर टेस्ट पर्चेस कराया। बिना किसी वैध पर्ची के दवा बिक्री की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि मामला केवल एक मेडिकल स्टोर तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई मेडिकल स्टोर इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
पूछताछ के दौरान कान्हा कश्यप ने खुलासा किया कि उसे नशीली दवाएं मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव आनंद शर्मा उपलब्ध कराता था। इसके बाद पुलिस ने आनंद शर्मा के ठिकाने पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित टेबलेट जब्त की। आनंद ने स्वीकार किया कि वह जबलपुर से बस, कुरियर और ट्रेन के माध्यम से टेबलेट मंगवाकर रायपुर के विभिन्न मेडिकल स्टोरों तक पहुंचाता था। (Drug Racket in Medical Stores) की उसकी निशानदेही पर टिकरापारा, खमतराई-भनपुरी और धरसींवा क्षेत्र के तीन अन्य मेडिकल स्टोरों में एक साथ कार्रवाई की गई, जहां बिना दस्तावेज के दवाओं की बिक्री पाई गई।
पुलिस ने आरोपितों से एक टाटा सफारी वाहन और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क से जुड़ा एक अंतरराज्यीय आरोपित फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस होंगे निरस्त
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई के बाद संबंधित मेडिकल स्टोरों को सील कर उनके लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। साथ ही दवाओं की सप्लाई में शामिल कुरियर कंपनी और बस संचालकों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





