Drug Trafficker Arrest Lucknow : 45 वर्षीय महिला तस्कर की गिरफ्तारी—छह साल से सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश
राजधानी लखनऊ में मंगलवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई के दौरान कुख्यात महिला ड्रग तस्कर नसरीन बानो को गिरफ्तार कर लिया गया। लगभग 45 वर्ष की नसरीन पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था और वह बीते कई वर्षों से लखनऊ व आसपास के जिलों में ब्राउन शुगर सप्लाई करने के लिए जानी जाती थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इलाके में सक्रिय यह नेटवर्क लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।
घर में चलता था केमिकल प्रोसेस—’ब्राउन शुगर लैब’ जैसा सेटअप
पूछताछ में सामने आया कि नसरीन मणिपुर से कच्चा अफीम मंगवाती थी और अपने खदरा स्थित मकान में ही उसे प्रोसेस कर ब्राउन शुगर तैयार करती थी।
उसका नेटवर्क लखनऊ, बहराइच, हरदोई, सीतापुर और बाराबंकी तक फैला हुआ था।
जानकारी यह भी मिली कि उसका पति किसी अन्य मामले में पहले से जेल में है, और उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरा कारोबार नसरीन ने खुद संभाल लिया था।
17 अक्टूबर की बड़ी पकड़ ने खोला रास्ता—गिरोह के सदस्य से मिला सुराग
इस गिरफ्तारी का मुख्य सुराग 17 अक्टूबर को मिला, जब एजेंसियों ने नसरीन के गिरोह के एक सदस्य को 3.440 किलो ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा था।
उसने पूछताछ में नसरीन का पूरा नाम और घर का पता बताया, जिसके बाद उस पर इनाम घोषित किया गया और तलाश तेजी से आगे बढ़ी।
सूत्रों के अनुसार, उसी दिन से निगरानी का दायरा बढ़ा दिया गया था।
थाकुरगंज में रात की दबिश—महिला टीम की मदद से गिरफ्तारी
मंगलवार देर रात खुफिया इनपुट के आधार पर टीम ने ठाकुरगंज के फरीदीपुर इलाके में दबिश दी।
नसरीन घर पर ही मौजूद मिली, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से उसे हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान घर में मौजूद कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जिनकी जांच की जा रही है।
फाइनेंशियल ट्रेल की पड़ताल—फोन और खातों की जांच जारी
जांच टीमें अब नसरीन के फोन रिकॉर्ड, बैंक खातों और लेन-देन की ट्रेसिंग कर रही हैं, ताकि उसके सप्लायर और बड़े खरीदारों तक पहुंचा जा सके।
अधिकारी बताते हैं कि उसे एनडीपीएस एक्ट के पुराने मामले में गिरफ्तार दिखाकर कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा, और संभव है कि आगे की पूछताछ के लिए रिमांड भी ली जाए।
कैसे तैयार होता था नेटवर्क—पड़ताल का दायरा बढ़ा
प्राथमिक जानकारी बताती है कि नसरीन अपने संपर्कों के ज़रिए नए ग्राहक जोड़ती थी और सप्लाई चेन को कई हिस्सों में बांटा गया था।
सभी लिंक अब दोबारा खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचा जा सके।





