सीजी भास्कर, 19 सितंबर। नशे के कारोबार (Drug Trafficking) पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो लंबे समय से युवाओं को टारगेट कर रहा था। मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने कार से हेरोइन, नकदी और अन्य सामान बरामद किया। शुरुआती गिरफ्तारी के बाद गिरोह का सरगना फरार हो गया था, लेकिन पुलिस की सख्त घेराबंदी में आखिरकार वह भी पकड़ में आ गया।
यह कार्रवाई 10 सितंबर को की गई थी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद धमधा रोड स्थित सब्जी मंडी के पास चेकिंग अभियान चलाया गया। एक संदिग्ध कार की तलाशी में 246 ग्राम हेरोइन मिली, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में 25 लाख रुपये आंका गया है। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और नकदी समेत एक लाल बैग जब्त किया। यह पूरा मामला नशे की तस्करी (Drug Trafficking) के संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया गया।
लाल बैग में छिपाया गया नशा
जांच में सामने आया कि तस्करों ने हेरोइन को लाल रंग के बैग में छिपाकर रखा था। कार (सीजी 07 सीएस 7776) से 1.25 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। जब्त नशे और अन्य सामान की कुल कीमत करीब 31.25 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस ने छह आरोपियों को दबोच लिया, लेकिन गिरोह का सरगना गुरजीत सिंह उर्फ रुड मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
गुरजीत सिंह, जो आदित्य नगर का रहने वाला है, पहले से ही कई आपराधिक मामलों में पुलिस रिकॉर्ड पर था। उसके खिलाफ मोहन नगर थाने में अलग से केस दर्ज कर तलाश शुरू की गई थी। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक की और 18 सितंबर को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी नशे की तस्करी (Drug Trafficking) की बड़ी कड़ी तोड़ने में मददगार साबित होगी।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
पुलिस की जांच से पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क पंजाब और दिल्ली से जुड़ा हुआ था। हेरोइन की खेप इन्हीं राज्यों से लाकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई की जा रही थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त हेरोइन की कीमत 25 लाख रुपये आंकी गई है। यह भी सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से दुर्ग और भिलाई में सक्रिय था और खासतौर पर युवाओं को नशे का आदी बना रहा था। नशे की यह तस्करी (Drug Trafficking) समाज के लिए गंभीर खतरा साबित हो रही थी। पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। साल 2023 और 2024 में भी गांजा और हेरोइन की कई बड़ी खेप जब्त की गई थी। उन्होंने बताया कि नशे का कारोबार (Drug Trafficking) रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है और आगे भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।
बढ़ती खपत पर चिंता
जांच अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में दुर्ग और भिलाई में नशे की खपत तेजी से बढ़ी है। युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। यही वजह है कि पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए रणनीति बनाई थी। अब इस गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही है कि नशे का बड़ा चैनल टूटेगा और अन्य राज्यों से आने वाली सप्लाई पर रोक लगेगी।





