सीजी भास्कर, 5 जनवरी। ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग के डीएसआईआर कार्यक्रम (DSIR Programme) के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर को STREE परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गई है।
यह परियोजना “महिलाओं की आर्थिक वृद्धि को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के माध्यम से कौशल विकास” पर केंद्रित है। परियोजना की स्वीकृति से जुड़े हस्ताक्षर समारोह का आयोजन 4 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में किया गया, जिसमें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही।
यह परियोजना एनआईटी रायपुर की नवाचार एवं उद्यमिता इकाई एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की A2K+ योजना के अंतर्गत संचालित डीएसआईआर कार्यक्रम (DSIR Programme) के तहत महिलाओं के लिए प्रौद्योगिकी विकास एवं उपयोग कार्यक्रम (TDUPW) के अंतर्गत इस परियोजना को समर्थन प्रदान किया गया है। STREE परियोजना के लिए 36 माह की अवधि हेतु 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना करना है। इसके माध्यम से अगले तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
डीएसआईआर कार्यक्रम (DSIR Programme) के तहत स्थापित होने वाले ये केंद्र महिलाओं को प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास और बाजार से जोड़ने के अवसर उपलब्ध कराएंगे, जिससे उन्हें सतत आजीविका के साधन प्राप्त हो सकेंगे।
इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए धमतरी जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर, CSSDA के सहायक निदेशक डॉ. शैलेंद्र सिंह तथा CGSRLM के जिला परियोजना प्रबंधक जय वर्मा स्थानीय समन्वय और व्यापक जनसंपर्क की जिम्मेदारी निभाएंगे।
एनआईटी रायपुर की ओर से परियोजना का मार्गदर्शन निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव द्वारा किया जा रहा है। परियोजना के प्रधान अन्वेषक सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला हैं, जबकि सह-प्रधान अन्वेषक एवं NITRRFIE के प्रभारी अधिकारी के रूप में पवन कटारिया जुड़े हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डीएसआईआर कार्यक्रम (DSIR Programme) की ओर से वैज्ञानिक-जी एवं सलाहकार डॉ. विपिन शुक्ला तथा वैज्ञानिक ‘एफ’ डॉ. वंदना कालिया इस परियोजना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
STREE परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को कोसा (कोकून) रेशम से फाइबर निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण, आधुनिक बुनाई तकनीक, उत्पाद डिजाइन एवं विकास, उद्यमिता विकास कार्यक्रम और बाजार संपर्क सहायता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह पहल विशेष रूप से हाशिये पर बसे और कृषि-आधारित समुदायों की महिलाओं को लक्षित करती है, जिससे महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों का सृजन हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डीएसआईआर कार्यक्रम (DSIR Programme) के तहत स्वीकृत STREE परियोजना को छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल धमतरी जिले की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाकर सतत आजीविका के अवसर सृजित करेगी।
उन्होंने कहा कि महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह परियोजना राज्य में महिलाओं के नेतृत्व में विकास की सोच को मजबूती प्रदान करेगी।


