सीजी भास्कर, 13 दिसंबर | DSP Kalpana Case: रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन और दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा के बीच चल रहे विवाद ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। कारोबारी की ओर से लगाए गए रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के आरोपों के बीच अब टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। मामला केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पुराने आपराधिक प्रकरण और पारिवारिक विवाद भी जुड़ते चले गए.
कोरबा प्रकरण: 27 लाख की ठगी और कोर्ट की कार्रवाई
कोरबा के दीपका थाना क्षेत्र में दर्ज एक धोखाधड़ी मामले में टंडन पर 27 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज हुआ, लेकिन अदालत में पेश न होने के कारण कारोबारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया। यह घटनाक्रम DSP Kalpana Case को और जटिल बनाता है।
कारोबारी का दावा: ‘लव ट्रैप’ से लेकर आर्थिक नुकसान तक
टंडन का आरोप है कि DSP ने पहले उन्हें भरोसे में लिया, फिर शादी का झांसा देकर महंगी कार, जेवर और बड़ी रकम हासिल की। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच चल रही है। दूसरी ओर, पुलिस स्तर पर तथ्यों की पड़ताल जारी बताई जा रही है.
कोरबा से शुरुआत: दीपक टंडन की पृष्ठभूमि
दीपक अंबेडकर टंडन का बचपन कोरबा की पुरानी बस्ती आदिल चौक के आसपास बीता। पढ़ाई भी यहीं हुई। नए बस स्टैंड के पास सड़क किनारे उनकी फोटो-फ्रेमिंग की दुकान थी, जहां भाइयों के साथ काम करते थे। परिवार के मुताबिक, वे चार भाइयों में सबसे छोटे हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे.
पहली शादी और पारिवारिक विवाद
2011 में कोरबा में हुई पहली शादी के बाद घरेलू विवाद सामने आए। पहली पत्नी ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए। इसके बाद टंडन ने कोरबा छोड़ दिया और रायपुर में बस गए। यह अध्याय आज भी उनके जीवन से जुड़े विवादों में संदर्भ के रूप में उभर आता है.
रायपुर में नया ठिकाना, नई जिंदगी
रायपुर में टंडन ने होटल व्यवसाय खड़ा किया और दूसरी शादी की। उनके दो बच्चे हैं। परिजनों का कहना है कि वे अब केवल विशेष मौकों पर ही कोरबा आते हैं। DSP कल्पना वर्मा से जुड़े विवाद की जानकारी भी उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए मिली.
मुलाकात कैसे हुई: संपर्क से संबंध तक
बताया गया कि 2021 में, जब DSP कल्पना वर्मा महासमुंद में पदस्थ थीं, तब एक साझा परिचित के जरिए उनकी मुलाकात टंडन से हुई। फोन कॉल्स, मुलाकातें और साथ यात्राएं—धीरे-धीरे संबंध आगे बढ़े। यहीं से विवाद की पृष्ठभूमि तैयार हुई—(DSP Kalpana Case).
शिकायत, पुलिस और जांच की दिशा
अक्टूबर में टंडन ने खम्हारडीह थाने में शिकायत दी, जिसमें धन, वाहन और जेवर लिए जाने का आरोप लगाया। शुरुआती स्तर पर कार्रवाई न होने पर मामला सार्वजनिक हुआ, जिसके बाद जांच शुरू की गई। प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक बयान सीमित रखे गए.
DSP का पक्ष: ‘फर्जी चैट्स और दबाव की राजनीति’
DSP कल्पना वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कारोबारी कोर्ट से केस वापस लेने का दबाव बना रहा था। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया से तस्वीरें लेकर फर्जी चैट्स बनाई गईं। वायरल वीडियो को लेकर उनका कहना है कि वे बकाया रकम लेने होटल गई थीं और अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं.





