सीजी भास्कर, 18 दिसंबर | छत्तीसगढ़ में DSP कल्पना वर्मा से जुड़ा मामला एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन ने राज्य के डीजीपी अरुण गौतम और आईजी अमरेश मिश्रा को लिखे पत्र में DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि DSP Kalpana Verma Case की जड़ महादेव सट्टा एप से जुड़े एक पैनल को ठुकराने के बाद बिगड़े निजी और कारोबारी संबंध हैं।
पांच साल पुराने संपर्क का दावा
दीपक टंडन ने अपने पत्र में लिखा है कि वे रायपुर के गायत्री नगर निवासी हैं और होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। उनके मुताबिक, पिछले करीब पांच वर्षों से उनका संपर्क DSP कल्पना वर्मा से था और इस दौरान पारिवारिक स्तर तक संबंध बने। टंडन का दावा है कि यही नजदीकियां आगे चलकर विवाद का कारण बनीं।
आर्थिक शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप
शिकायत पत्र में टंडन ने आर्थिक शोषण, मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन घटनाओं के चलते उन्हें और उनके कारोबार को करीब दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। पत्र में यह भी आरोप है कि सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए DSP कल्पना वर्मा और उनके परिजनों के खातों में नियमित लेन-देन किया गया, जिसका विवरण दस्तावेज़ों के साथ संलग्न किया गया है।
दंतेवाड़ा में महादेव पैनल का ऑफर
टंडन का आरोप है कि DSP कल्पना वर्मा ने दंतेवाड़ा में महादेव सट्टा एप से जुड़े पैनल को संचालित करने का प्रस्ताव दिया था। जब उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया, तो दोनों के बीच संबंधों में खटास आ गई और बाद में संपर्क पूरी तरह टूट गया। टंडन ने दावा किया है कि इस संबंध में मोबाइल चैट्स और डिजिटल सबूत भी उनके पास मौजूद हैं।
VIP रोड स्थित होटल को लेकर विवाद
पत्र में रायपुर के VIP रोड स्थित होटल एटमॉसफेरिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। टंडन का कहना है कि साजिश के तहत होटल को गैर-कानूनी तरीके से रजिस्टर कराया गया। उन्होंने बताया कि होटल सौदे के दौरान बैंक के माध्यम से 30 लाख रुपये का RTGS भुगतान किया गया था, साथ ही नकद लेन-देन और अन्य ट्रांजैक्शन भी हुए थे।
निजी जीवन में हस्तक्षेप का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि संबंध बिगड़ने के बाद उन्हें निजी जीवन में भी परेशान किया गया। टंडन ने पत्नी से तलाक लेने का दबाव, झूठे मामलों में फंसाने की धमकी और उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड वाहन को कब्जे में रखने जैसे आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन घटनाओं से उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है।
‘लव ट्रैप’ एंगल से जुड़ता मामला
यह पूरा विवाद तब चर्चा में आया जब सामने आया कि वर्ष 2021 में महासमुंद में पदस्थापना के दौरान एक साझा परिचित के जरिए दोनों की पहचान हुई थी। इसके बाद बातचीत, मुलाकातें और निजी नजदीकियां बढ़ीं। साथ घूमने और छोटे टूर पर जाने की जानकारियां भी शिकायत में दर्ज हैं।
DSP कल्पना वर्मा का पक्ष
DSP कल्पना वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि दीपक टंडन उन पर अदालत से मामला वापस लेने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई चैट्स और तस्वीरें भ्रामक हैं। उनका दावा है कि वे बकाया राशि को लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही हैं।
जांच के घेरे में कई पहलू
फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर जांच के दायरे में है। पत्र में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत दस्तावेज़ों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।






