सीजी भास्कर, 21 मई : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Durg Bilaspur Commissioner System) में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के सफ़ल प्रयोग के बाद अब शासन इसे राज्य के अन्य बड़े व्यापारिक और प्रशासनिक गढ़ों में भी विस्तार देने की योजना बना रहा है।
राजधानी के बाद अब दुर्ग-भिलाई और न्यायधानी बिलासपुर में भी नई पुलिस व्यवस्था (पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम) लागू करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा (Durg Bilaspur Commissioner System) ने इसके साफ संकेत देते हुए कहा है कि राज्य की तेजी से बदलती डेमोग्राफी और शहरीकरण को देखते हुए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव की सख्त जरूरत है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून और व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लंबे समय से एक केंद्रीकृत और त्वरित निर्णय लेने वाली व्यवस्था (पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम) की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। वर्तमान में पुलिस को कई तरह की कानून-व्यवस्था से जुड़ी अनुमतियों, प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों और लाठीचार्ज या धारा 144 जैसे गंभीर फैसलों के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) यानी कलेक्टर पर निर्भर रहना पड़ता है।
अलग-अलग विभागों और समन्वय की कमी के कारण कई बार कानून-व्यवस्था से जुड़े छोटे-छोटे मामले भी लंबे समय तक लंबित हो जाते हैं। इस नई व्यवस्था से पुलिस को सीधे मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिल जाती हैं, जिससे त्वरित फैसले लेकर अपराधों पर तेजी से लगाम लगाई जा सकती है।
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल रायपुर में यह व्यवस्था सुचारू रूप से लागू है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इसी तर्ज पर अब राज्य के अन्य दो बड़े संभागों दुर्ग और बिलासपुर में इस आधुनिक सुरक्षा तंत्र (पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम) को शुरू करने की तैयारी है।
उन्होंने आगे कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष पूरी कार्ययोजना रखेंगे और इन दोनों महत्वपूर्ण जिलों में भी इसे जल्द से जल्द मंजूरी देने का विशेष आग्रह करेंगे। माना जा रहा है कि औद्योगिक हब होने के कारण दुर्ग और न्यायधानी होने के कारण बिलासपुर में इस प्रणाली (Durg Bilaspur Commissioner System) के आने से न सिर्फ अपराध ग्राफ गिरेगा, बल्कि आम जनता का पुलिसिंग पर भरोसा भी और मजबूत होगा।



