सीजी भास्कर, 15 जनवरी। जिले में प्रशासनिक लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कड़ा रुख (Durg Collector Action) अपनाया है। जिला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग के कंट्रोल रूम में गंभीर लापरवाही सामने आने पर छह कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही उनके वेतन पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। निरीक्षण के समय शिकायतों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए तैनात कर्मचारी अपने दायित्व से अनुपस्थित पाए गए, जिसे कलेक्टर ने बेहद गंभीर माना।
निरीक्षण के दौरान कंट्रोल रूम में दर्ज शिकायतों के आधार पर कलेक्टर ने जिले की चार राइस मिलों की भी तत्काल जांच के निर्देश दिए। गठित जांच टीमें भरर स्थित नारायण राइस मिल, गाड़ाडीह की श्री श्याम एग्रो, रिसामा की साईं राम राइस मिल और उतई क्षेत्र की सतगुरु ट्रेडिंग कंपनी पहुंचीं। जांच में दो राइस मिलों में निर्धारित मात्रा से कम स्टॉक पाया गया, जबकि शेष दो मिलों में परिवहन व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं।
इन अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने चारों राइस मिलों को नोटिस जारी (Durg Collector Action) कर जवाब मांगा है। मिल संचालकों से चावल के परिवहन में उपयोग किए गए वाहनों का विवरण, स्टॉक में पाए गए अंतर के कारण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राइस मिलों से जुड़े पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल को सौंपी गई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह स्वयं कंट्रोल रूम में मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट और मिलों के जवाब के आधार पर आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
इस कार्रवाई से जिले में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं संस्थानों की जवाबदेही तय करने का स्पष्ट संदेश (Durg Collector Action) गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस तरह की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।


