Durg Crime : दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र के एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार की सुबह, नर्सरी में पढ़ने वाली एक 5 साल की मासूम बच्ची जब स्कूल से लौटकर पास की दुकान पर चॉकलेट लेने गई, तो पड़ोस में ही रहने वाले धनेश्वर साहू (30-35 वर्ष) ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
बोरे में बंद मिली जिंदगी: मुंह पर बंधा था पिलो कवर
दोपहर करीब 2 बजे जब पूरा गांव लापता बच्ची की तलाश कर रहा था, तब दो युवकों की नजर कुएं के पास पड़े एक संदिग्ध बोरे पर पड़ी। बोरे में हलचल देख जब उसे खोला गया, तो अंदर की तस्वीर देख ग्रामीणों की रूह कांप गई:
- साजिश: आरोपी ने बच्ची की पहचान छिपाने और उसे जान से मारने की नियत से उसका मुंह तकिया के कवर (पिलो कवर) से बेरहमी से बांध दिया था।
- हालत: बोरे से निकालते समय बच्ची पसीने से तरबतर थी और सांस लेने के लिए जद्दोजहद कर रही थी। वह इतनी डरी हुई थी कि उसकी आवाज तक नहीं निकल पा रही थी।
- इलाज: बच्ची को तत्काल दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों का गुस्सा: थाने का घेराव और फांसी की मांग
जैसे ही दरिंदगी की खबर फैली, ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। रात करीब 9 बजे 150 से अधिक ग्रामीण उतई थाने पहुंच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
- जुलूस की मांग: उत्तेजित भीड़ की मांग थी कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए या उसे नग्न कर गांव में जुलूस निकाला जाए।
- पुलिस की कार्रवाई: स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
पुलिस जांच और सबूत
पाटन एसडीओपी अनुप लकड़ा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में मासूम के साथ दुष्कर्म की बात साबित हुई है।
- सबूत: FSL की टीम ने आरोपी के घर से वह तकिया कवर बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल बच्ची का मुंह बांधने के लिए किया गया था।
- आरोपी: धनेश्वर साहू पेशे से मजदूर है और शराब का आदी है। गिरफ्तारी के समय भी वह नशे में धुत्त था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी ताकि पीड़ित मासूम को जल्द से जल्द न्याय मिले और दरिंदे को फांसी जैसी कड़ी सजा दिलाई जा सके।


