सीजी भास्कर, 29 नवंबर | Durg Knife Cake Incident: दुर्ग शहर में बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस को कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। वीडियो में कुछ युवक सड़क के बीच खड़ी बाइक पर केक रखकर उसे चाकू से काटते (Knife Display) और हवा में लहराते दिख रहे थे। घटना 27 नवंबर की बताई जा रही है, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और पाँच युवकों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
किस जगह हुआ विवाद, कौन-कौन शामिल?
वीडियो में दिखा कि मोचीपारा स्थित रविदास मंदिर के पास वर्मा इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के सामने आरोपियों ने बाइक रोककर न केवल यातायात बाधित किया, बल्कि धारदार चाकू से केक काटते हुए वीडियो भी बनाया।
पहचाने गए युवकों में अंकित कुरील (18), अशोक मालापुरे (35), प्रेम चंद्राकर (22) और दो नाबालिग शामिल हैं।
पूछताछ में सभी ने अपना अपराध स्वीकार किया और पुलिस ने मौके से एक तीक्ष्ण लोहे का चाकू भी जब्त किया।
Durg Knife Cake Incident: कानूनी कार्रवाई: कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
पुलिस ने मामले में धारा 126(2), 191(2) बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराएं 25 व 27 जोड़ते हुए मामला दर्ज किया। वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि दो नाबालिगों पर भी अलग से विधि अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे प्रकरण ने शहर में एक बार फिर सड़क पर असामान्य तरीके से वीडियो बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भिलाई में अलग मामला: शराब विवाद में युवक पर जानलेवा हमला
दूसरी ओर भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र में लगभग एक महीने पुराने मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है।
28 अक्टूबर की रात सामुदायिक भवन, आशाराम बापू आश्रम के पास शराब पीने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति ने युवक पर बांस की लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था।
हमले में घायल रोशन ढीमर गंभीर हालत में सड़क पर गिर पड़ा था। परिजनों ने उसे तुरंत शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत नाजुक बताई गई। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक अपराध पंजीबद्ध किया और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया।
Durg Knife Cake Incident: मेडिकल रिपोर्ट ने हत्या का प्रयास साबित किया
अस्पताल से मिली रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय में साफ कहा गया कि सिर और कंधे पर आई चोटें बेहद गंभीर थीं और समय पर इलाज न मिलता तो मामला और भी घातक हो सकता था।
इसी आधार पर पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 296 (हत्या का प्रयास), 115(2), 351(3) और 109(1) जोड़ दीं।
तकनीकी इनपुट और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपी हरीश चंद्र साहू (49) को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से हमले में इस्तेमाल की गई बांस की लाठी भी जब्त कर ली गई है।
आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले का अपराध क्रमांक 1320/2025 है, जिसकी आगे की कार्रवाई जारी है।
