सीजी भास्कर 3 अप्रैल Durg News : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चर्चित अवैध अफीम की खेती के मामले में निलंबित की गईं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को विभाग ने फिर से बहाल कर दिया है। उन पर शासकीय नियमों के उल्लंघन और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। इस मामले ने तब तूल पकड़ा था जब कृषि विभाग के अधिकारी अफीम की लहलहाती फसल को लगातार मक्के की खेती बताकर गुमराह कर रहे थे।
कागजी हेरफेर और शासन को धोखा देने का आरोप
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिस खेत को मक्का फसल का ‘प्रदर्शन प्लॉट’ बताया गया था, वहां वास्तव में धान की खेती की जा रही थी। दस्तावेजों के मुताबिक, भाजपा नेता के भाई के खेत को सरकारी लाभ दिलाने के लिए फर्जी फोटो और गलत रिपोर्ट तैयार की गई थी। नियम विरुद्ध तरीके से प्रदर्शन प्लॉट का स्थान बदलकर राज्य शासन से प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त कर ली गई, जो सीधे तौर पर शासन के साथ धोखाधड़ी का मामला था।
अफीम की फसल की पहचान में तकनीकी चूक
विभागीय सुनवाई के दौरान एकता साहू की ओर से कई तर्क पेश किए गए, जिनमें संसाधनों की कमी, पर्याप्त प्रशिक्षण का अभाव और अफीम जैसी गैर-पारंपरिक फसल की पहचान न कर पाने जैसी तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया गया। इन दलीलों और दुर्ग संभाग आयुक्त के साथ हुई चर्चा के बाद संयुक्त संचालक कृषि ने उनकी बहाली का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
नई पदस्थापना और कलेक्टर की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
बहाली के पश्चात एकता साहू को अब विकासखंड धमधा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के अधीन नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, उन्हें अभी पूरी तरह क्लीन चिट नहीं मिली है। उनकी निलंबन अवधि की गणना और भविष्य की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अंतिम फैसला दुर्ग कलेक्टर द्वारा की जा रही विस्तृत विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।


