दुर्ग। जिले के समोदा गांव में सामने आई अवैध अफीम की खेती का मामला अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। जानकारी के अनुसार मक्के की फसल के बीच बड़े पैमाने पर अफीम के पौधे लगाए गए थे, जिसकी जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस दोनों सक्रिय हो गए। इस पूरे मामले को अब (Durg Opium Farming Case) के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने स्थानीय स्तर से लेकर राजधानी तक चर्चा तेज कर दी है।
पुलिस ने शुरू की जांच और कार्रवाई
ग्रामीणों द्वारा खेत में उगाए गए संदिग्ध पौधों की जानकारी मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस तक पहुंचाई गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि खेत में बड़े क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में लगभग नौ एकड़ क्षेत्र में इस फसल के लगाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रशासन अब पूरे प्रकरण को (Illegal Opium Cultivation) के रूप में गंभीरता से जांच रहा है।
नेताओं के दौरे से बढ़ी सियासी हलचल
मामले की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने समर्थकों के साथ समोदा गांव पहुंचे और खेत में जाकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए और कहा कि यदि किसी राजनीतिक व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस घटना ने प्रदेश में (Chhattisgarh Political Reaction) को और तेज कर दिया है।
पार्टी ने उठाया अनुशासनात्मक कदम
मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आने के बाद पार्टी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उनके कृत्य से संगठन की छवि प्रभावित हुई है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनुशासन और पार्टी की छवि सर्वोपरि है। इस कार्रवाई को (BJP Action Vinayak Tamrakar) के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रशासन भी हुआ सतर्क
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने रात में समोदा गांव पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





