सीजी भास्कर, 2 मई : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले का देवभोग (Earthquake Lightning in Gariyaband) क्षेत्र इन दिनों दोहरी प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में है। एक तरफ जहां बार-बार आ रहे भूकंप के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी है, वहीं दूसरी ओर आकाशीय बिजली गिरने से एक किशोर की दर्दनाक मौत हो गई है। इन घटनाओं ने पूरे इलाके में भय और शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
36 घंटों में तीन बार कांपी धरती
देवभोग क्षेत्र में पिछले 36 घंटों के भीतर तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। आज दोपहर करीब 2:20 बजे एक बार फिर धरती कांपी, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। विशेषज्ञों के अनुसार, एक दिन पहले आए झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 0.7 दर्ज की गई थी। हालांकि ये झटके हल्के हैं, लेकिन बार-बार हो रही इस भूगर्भीय हलचल (Earthquake Lightning in Gariyaband) ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। बीती रात भी करीब 7:20 बजे इलाके में कंपन महसूस किया गया था।
आकाशीय बिजली ने छीनी मासूम की जान
भूकंप के खौफ के बीच देवभोग थाना क्षेत्र के मुरगुडा गांव से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। यहां घर के बाहर घूम रहे 13 वर्षीय बालक धीरसागर यादव पर अचानक आकाशीय बिजली (Earthquake Lightning in Gariyaband) गिर गई। तेज गरज-चमक के साथ हुई इस आसमानी बिजली की चपेट में आने से बालक गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मुरगुडा गांव में मातम पसरा हुआ है।
मौसम का बदला मिजाज और बढ़ता खतरा
पिछले तीन दिनों से क्षेत्र के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। दोपहर के समय अचानक तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन रही है। लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली (Earthquake Lightning in Gariyaband) की घटनाओं ने खेती-किसानी और आम जनजीवन को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में अचानक होने वाली यह बारिश बिजली गिरने (Earthquake Lightning in Gariyaband) के खतरों को बढ़ा देती है, जो स्थानीय निवासियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
प्रशासन की अपील और निगरानी
लगातार आ रहे भूकंप (Earthquake Lightning in Gariyaband) के झटकों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि हल्के झटके अक्सर भूगर्भीय प्लेटों के समायोजन का हिस्सा होते हैं। वहीं, आकाशीय बिजली (Earthquake Lightning in Gariyaband) से बचाव के लिए खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
देवभोग क्षेत्र में मची इस प्राकृतिक उथल-पुथल (Earthquake Lightning in Gariyaband) ने स्थानीय शासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है। आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मासूम धीरसागर की मौत ने पूरे गरियाबंद जिले को झकझोर दिया है, और लोग अब प्रार्थना कर रहे हैं कि भूकंप (Earthquake Lightning in Gariyaband) का यह सिलसिला जल्द थम जाए।


