सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। स्थानीय रोजगार और पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बनमनई इको केअर फाउंडेशन के सहयोग से जिले में पर्यटन विकास से जुड़े विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में गुरुवार को प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ठाड़ पथरा के मड हाउस परिसर में कैंपिंग (Eco Tourism Camping) और बोटिंग का भव्य आयोजन किया गया, जिसने प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को अनोखा अनुभव प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने घने जंगलों के बीच पैदल ट्रैकिंग (Eco Tourism Camping) कर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। इस दौरान क्षेत्र के विशाल और ऐतिहासिक मदर ट्री के दर्शन कर पर्यटक अभिभूत नजर आए। पर्यावरणविद संजय पयासी ने उपस्थित लोगों को स्थानीय जैव विविधता, दुर्लभ तितलियों की प्रजातियों और क्षेत्र में पाए जाने वाले पक्षियों की जानकारी दी। ठंड के मौसम में यहां पहुंचे शीतकालीन प्रवासी पक्षी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
अतिथियों ने खंजन पक्षी, कॉमन केस्ट्रल सहित अन्य स्थानीय पक्षियों के व्यवहार और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में विस्तार से जाना। इसके साथ ही अमरावती उद्गम, माई का मंडप और दुर्गाधारा जैसे प्राकृतिक स्थलों तक ट्रैकिंग कर प्रतिभागियों ने रोमांच और प्रकृति का अद्भुत संगम महसूस किया। शाम ढलते ही शांत वातावरण में स्थानीय सरोवर में बोटिंग कराई गई, जहां तारों से भरे आसमान और स्थिर जल के बीच नौका विहार ने सभी को यादगार अनुभव दिया।
रात के समय अलाव (बोन फायर) के चारों ओर बैठकर स्थानीय संस्कृति, लोककथाओं और पारंपरिक जीवनशैली पर संवाद हुआ। पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भोजन की व्यवस्था पूरी तरह पारंपरिक रखी गई थी। मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी की आंच में तैयार गरमा-गरम स्थानीय व्यंजनों ने पर्यटकों का मन मोह लिया और उन्हें छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति से सीधे जोड़ दिया।
बनमनई इको केअर फाउंडेशन के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ना है। गाइड, स्टोरी टेलिंग, नाव संचालन और खान-पान जैसी सेवाओं में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई, ताकि पर्यटन विकास का सीधा लाभ समुदाय तक पहुंचे। जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजन ठाड़ पथरा जैसे प्राकृतिक स्थलों को नई पहचान देने के साथ-साथ क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेंगे।


