सीजी भास्कर, 16 दिसंबर। बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र (Elderly Healthcare Centers) ऐसे विशेष संस्थान हैं, जो वरिष्ठ नागरिकों को चिकित्सा, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समर्पित सेवाएँ प्रदान करते हैं। इनमें नियमित ओपीडी जांच, जेरियाट्रिक विशेषज्ञ परामर्श, दवा प्रबंधन, फिजियोथेरेपी, पंचकर्म और घर-आधारित देखभाल जैसी सुविधाएं शामिल हैं, ताकि बुजुर्ग स्वतंत्र, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
यह केंद्र सैकड़ों बुजुर्गों के लिए बना भरोसे का सहारा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के दो वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, सड़क, ग्रामीण विकास, महिलाओं, किसानों और युवाओं की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी क्रम में कोरिया जिले के जिला अस्पताल परिसर, बैकुंठपुर में लगभग ढाई माह पूर्व शुरू किया गया प्रदेश का पहला बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र आज वरिष्ठ नागरिकों के लिए सच्चा सहारा बन चुका है।
उम्र बढ़ने के साथ होने वाली शारीरिक पीड़ा, चलने-फिरने में कठिनाई, भीड़भाड़ वाले अस्पतालों में लंबी कतार और छोटे उपचारों के लिए घंटों इंतजार जैसी समस्याओं को देखते हुए इस केंद्र की स्थापना की गई थी। आज यह केंद्र जिले के सैकड़ों बुजुर्गों को राहत देने वाला भरोसेमंद स्थान बन गया है।
अब तक 889 बुजुर्गों को मिल चुका उपचार का लाभ
मुख्यमंत्री की मंशा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में इस केंद्र (Elderly Healthcare Centers) की शुरुआत की गई। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया कि सुशासन तभी सार्थक होता है, जब उसका लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे। यह केंद्र उसी उद्देश्य को पूरा कर रहा है। इस केंद्र का शुभारंभ 1 अक्टूबर, अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बैकुंठपुर विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े द्वारा किया गया था। अक्टूबर से अब तक 889 बुजुर्ग यहां जांच और उपचार के लिए पहुंच चुके हैं, जिनमें 371 महिलाएं और 518 पुरुष शामिल हैं।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बुजुर्ग स्वास्थ्य केंद्र
यह बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र (Elderly Healthcare Centers) अत्याधुनिक चिकित्सा और फिजियोथेरेपी उपकरणों से सुसज्जित है। यहां ट्राईसाइकिल, बैलेंस बोर्ड, फुट मसाजर, पैरेलल बार, स्टेयर क्लाइंबिंग मशीन, ट्रेडमिल, मसाज चेयर, ट्रैक्शन मशीन और वेक्स बाथ जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही फिजियोथेरेपी और पंचकर्म उपचार की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। अब तक लगभग 300 बुजुर्ग पंचकर्म उपचार का लाभ ले चुके हैं। केंद्र के शुरू होने से बुजुर्गों को इलाज के लिए अब बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। शांत वातावरण, सहयोगी स्टाफ और समयबद्ध सेवाएं उन्हें मानसिक सुकून और आत्मविश्वास प्रदान कर रही हैं।
बुजुर्गों के अनुभव : मिला सुकून, मिली राहत
77 वर्षीय एसडी सिंह ने बताया कि वे पिछले एक माह से यहां नियमित उपचार करा रहे हैं और उन्हें काफी राहत मिली है। 71 वर्षीय श्री पी.एस. दावड़े ने कहा कि पैर में जलन की समस्या से परेशान थे, लेकिन 10-12 दिन के उपचार के बाद उन्हें काफी फायदा हुआ। 76 वर्षीय बीएल.सोनी ने बताया कि लंबे समय से कंधे के दर्द से पीड़ित थे, फिजियोथेरेपी शुरू करने के बाद अब दर्द में उल्लेखनीय कमी आई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए संवेदनशील प्रशासन की मिसाल
बुजुर्गों ने केंद्र (Elderly Healthcare Centers) की सेवाओं और जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि वही शासन सुशासन कहलाता है, जो वरिष्ठ नागरिकों की पीड़ा को समझे और समाधान के लिए संवेदनशील कदम उठाए। यह केंद्र उन बुजुर्गों के लिए अमूल्य साबित हुआ है, जो उम्र के साथ बढ़ती शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे थे। प्रशासन की यह पहल जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरक मॉडल बनकर उभरी है।


