दौसा। (Empty Government School Rajasthan) की यह हकीकत आपको चौंका सकती है। राजस्थान के दौसा जिले के सिकराय उपखंड के गीजगढ़ ग्राम पंचायत में एक ऐसा सरकारी प्राथमिक विद्यालय है, जहां इस साल एक भी बच्चा दाखिल नहीं हुआ। चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन कक्षाओं में सन्नाटा पसरा है। इसके बावजूद स्कूल में रोजाना दो शिक्षक पहुंचते हैं और पूरा दिन गुजारते हैं।
Empty Government School Rajasthan: खाली कक्षाएं और खाली बेंचें
स्कूल में फिलहाल एक हेडमास्टर और एक शिक्षक तैनात हैं। इन दोनों को रोज ड्यूटी पर बैठा देखा जा सकता है, जबकि कक्षाओं में न तो बच्चों की आवाज़ सुनाई देती है और न ही पढ़ाई का माहौल। (Empty Government School Rajasthan) का यह उदाहरण बताता है कि शिक्षा विभाग का खर्च किस तरह व्यर्थ जा रहा है।
पहले आते थे बच्चे, अब क्यों नहीं?
गांव के बुजुर्गों के अनुसार कुछ साल पहले तक इस स्कूल में बच्चे पढ़ाई करने आते थे। वर्ष 2022 में जहां 6 छात्र थे, वहीं 2023 में यह संख्या 7 तक पहुंच गई। लेकिन 2024 में अचानक यह घटकर 2 रह गई और जुलाई 2025 तक आते-आते स्कूल पूरी तरह खाली हो गया। (Empty Government School Rajasthan) के चलते अब पूरा खर्च केवल शिक्षकों और मिड-डे मील योजना पर हो रहा है।
अभिभावकों ने क्यों काटे बच्चों के नाम?
स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने कई बार आसपास के ढाणियों और परिवारों से संपर्क किया। कोशिश की कि बच्चे स्कूल से जुड़ें, लेकिन अधिकांश अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम इस स्कूल से कटवा दिया। उनकी दलील थी कि केवल दो बच्चों के साथ पढ़ाई का माहौल बनना संभव नहीं है। इसी वजह से उन्होंने बच्चों को नजदीकी निजी या अन्य सरकारी स्कूलों में भेज दिया।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई और नोटिस
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शून्य दर्ज संख्या की स्थिति पर प्रिंसिपल को दो बार नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि (Empty Government School Rajasthan) जैसी स्थिति से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं, क्योंकि लाखों रुपये का खर्च बिना किसी परिणाम के हो रहा है।
लाखों का खर्च, लेकिन नतीजा शून्य
इस स्कूल पर शिक्षकों के वेतन, सहायिका और स्वीपर की तनख्वाह, साथ ही मिड-डे मील का खर्च अब भी जारी है। गांववालों का मानना है कि यह पैसा बर्बाद हो रहा है, जबकि इसे किसी अन्य सक्रिय स्कूल की सुविधाएं बेहतर करने में लगाया जा सकता है। (Empty Government School Rajasthan) का यह मामला पूरे राज्य के लिए सोचने का विषय है।


