सीजी भास्कर, 23 सितंबर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों (EPFO Withdrawal Rules) के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार EPFO के नियमों को ज्यादा लचीला बनाने की तैयारी कर रही है, जिससे खातेधारकों को अपनी सेविंग्स का बेहतर इस्तेमाल करने की आज़ादी मिल सके। सूत्रों के अनुसार, शादी, घर बनाने और बच्चों की पढ़ाई जैसे उद्देश्यों के लिए निकासी की शर्तें आसान करने पर विचार किया जा रहा है।
हर 10 साल में मिलेगा पूरा पैसा निकालने का मौका
मौजूदा नियमों के मुताबिक, EPFO (EPFO Withdrawal Rules) सदस्य 58 साल की उम्र पूरी करने के बाद या फिर लगातार 2 महीने बेरोजगार रहने की स्थिति में ही अपनी पूरी राशि निकाल सकते हैं। वहीं, कुछ विशेष परिस्थितियों में आंशिक निकासी की अनुमति दी जाती है। लेकिन अब प्रस्ताव है कि सदस्य हर 10 साल में एक बार अपनी जमा राशि का पूरा पैसा या उसका एक हिस्सा निकाल सकें।
“ये उनका पैसा है, रोक क्यों लगाएं”
सरकारी अधिकारी का कहना है – “हम सदस्यों पर अनावश्यक पाबंदी नहीं लगाना चाहते। ये उनका पैसा है और उन्हें अपनी ज़रूरतों के अनुसार इसका इस्तेमाल करने की पूरी छूट मिलनी चाहिए।”
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव निम्न और मध्यम आय वर्ग के कर्मचारियों के लिए काफी मददगार साबित होगा। अक्सर अचानक कैश की ज़रूरत पड़ने पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अगर हर 10 साल में पूरी निकासी का विकल्प मिल जाता है, तो वे अपनी वित्तीय योजना (EPFO Withdrawal Rules) को ज्यादा लचीले तरीके से मैनेज कर पाएंगे।
कब तक लागू होंगे नए नियम?
अभी समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन सरकार का इरादा है कि अगले एक साल के भीतर इस पर ठोस निर्णय लिया जाए। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह EPFO इतिहास के सबसे बड़े बदलावों में से एक होगा।


