सीजी भास्कर, 10 मार्च। ईरान–इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में पैदा हुए संकट के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम (ESMA Gas Supply India) उठाया है। सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू करने का फैसला किया है, ताकि देश में जरूरी सेवाओं के लिए गैस की सप्लाई बाधित न हो।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी हालात में घरेलू उपयोग, परिवहन और आवश्यक उद्योगों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए गैस की उपलब्धता को विभिन्न सेक्टरों के लिए प्राथमिकता के आधार पर बांटने का आदेश जारी किया गया है।
क्या है ESMA कानून
ESMA यानी Essential Services Maintenance Act वर्ष 1968 में बनाया गया (ESMA Gas Supply India) कानून है। इसका मकसद ऐसी आवश्यक सेवाओं को बाधित होने से बचाना है, जिनका सीधा असर आम लोगों की दैनिक जिंदगी पर पड़ता है।
इस कानून के लागू होने पर आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को हड़ताल करने या काम बंद करने की अनुमति नहीं होती। यदि कोई कर्मचारी काम बंद करता है तो सरकार उसे काम पर लौटने का निर्देश दे सकती है।
चार स्तरों में बांटी गई गैस आपूर्ति
सरकार ने प्राकृतिक गैस वितरण को चार प्राथमिक सेक्टरों में बांटा है, ताकि संकट की स्थिति में भी जरूरी सेवाओं को पर्याप्त आपूर्ति मिल सके।
प्राथमिकता सेक्टर – 1
घरेलू पाइप्ड गैस (PNG)
परिवहन के लिए CNG
LPG उत्पादन
गैस पाइपलाइन संचालन
इन सेक्टरों को पिछले छह महीनों की औसत खपत के 100 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
प्राथमिकता सेक्टर – 2
उर्वरक उत्पादन करने वाले प्लांट्स
इन संयंत्रों को औसत खपत के लगभग 70 प्रतिशत तक गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इस गैस का उपयोग केवल उर्वरक उत्पादन के लिए ही किया जा सकेगा।
प्राथमिकता सेक्टर – 3
चाय उद्योग
विनिर्माण क्षेत्र
अन्य औद्योगिक इकाइयां
इन उपभोक्ताओं को औसत खपत का करीब 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
प्राथमिकता सेक्टर – 4
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जुड़े औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ता
इन क्षेत्रों को भी संचालन की उपलब्धता के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जाएगी।
कुछ सेक्टरों में कटौती संभव
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राथमिक क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ सेक्टरों जैसे पेट्रोकेमिकल यूनिट्स और कुछ पावर प्लांट्स में गैस की आपूर्ति कम की (ESMA Gas Supply India) जा सकती है। वहीं तेल रिफाइनरियों को पिछले छह महीने की खपत का लगभग 65 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए अहम रणनीति साबित हो सकता है।





