सीजी भास्कर, 12 अक्टूबर। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के फेसबुक पेज (Facebook Page Suspension) को मेटा की नीतियों के उल्लंघन के तहत सस्पेंड किया गया था (Meta Policy Violation, मेटा नीति उल्लंघन)। पेज को 16 घंटे बाद बहाल कर दिया गया है (Page Reinstated, पेज बहाल)। सपा प्रमुख ने कहा कि जिन पोस्टों को वयस्क और हिंसा की श्रेणी में बताया गया है, उनमें ऐसा कुछ नहीं था (Content Moderation, कंटेंट मॉडरेशन)।
उन्होंने न्याय की लड़ाई को जमीन पर और तेज करने की बात कही है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई फेसबुक की तरफ से की गई है और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उनके अकाउंट से एक आपत्तिजनक पोस्ट किया गया था, जिसके कारण फेसबुक ने अपनी नीतियों के मुताबिक यह फैसला (Facebook Page Suspension) लिया था।
सपा प्रमुख के फेसबुक पेज पर 85 लाख से अधिक फॉलोअर हैं। यह पेज शुक्रवार शाम छह बजे के बाद सस्पेंड (Facebook Page Suspension) कर दिया गया था। इसके बाद सपा की ओर से सवाल उठाए गए और नेताओं ने इसके लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। शनिवार सुबह जैसे ही पेज बहाल हुआ तो अखिलेश यादव ने जय प्रकाश नारायण की जन्मतिथि पर उन्हें नमन करते हुए उनकी कही लाइन पोस्ट के जरिए साझा किया “संपूर्ण क्रांति से मेरा तात्पर्य समाज के सबसे अधिक दबे-कुचले व्यक्ति को सत्ता के शिखर पर देखना है”।
बाद में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में अखिलेश ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि वयस्क और हिंसा से जुड़े कंटेंट के शेयर करने के कारण पेज सस्पेंड किया गया था। इसमें बलिया की एक युवती संबंधी पोस्ट (Facebook Page Suspension) और एक पत्रकार के उत्पीड़न से जुड़े मामले की पोस्ट को आधार बताया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी योजना अब जमीन पर जाकर जनता को जागरूक करने की होगी ताकि न्याय की लड़ाई और मजबूत हो।


