सीजी भास्कर, 13 फरवरी। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिला के बाद अब दंतेवाड़ा जिला में 500 रुपये के नकली नोट मिलने का मामला (Fake Currency Bastar) सामने आया है। हाट बाजार में लेन-देन के दौरान चला यह नोट तब पकड़ा गया, जब एक व्यापारी बैंक में नकद राशि जमा करने पहुंचा। कैश गिनने वाली मशीन ने 500 रुपये के नोट को तुरंत रिजेक्ट कर दिया, जिसके बाद नोट को संदिग्ध मानते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि यह नकली नोट सामान्य खरीद–फरोख्त के दौरान हाट बाजार में चला। व्यापारी को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ, लेकिन बैंक पहुंचते ही मशीन ने नोट स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने नोट को अलग कर संबंधित एजेंसियों को सूचना दी।
पुलिस बोली – जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नकली नोट कितनी संख्या में बाजार में पहुंचे हैं। प्रशासन और पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील (Fake Currency Bastar) की है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि नकली नोट कहां से और किस नेटवर्क के जरिए बाजार तक पहुंचे।
ऐसे करें 500 रुपये के असली-नकली नोट की पहचान
- वॉटरमार्क
नोट को रोशनी में देखने पर महात्मा गांधी की तस्वीर और ‘500’ अंक साफ दिखाई देते हैं। नकली नोट में यह फीचर धुंधला या गायब हो सकता है। - सिक्योरिटी थ्रेड
नोट के बीच में हरी–नीली रंग बदलने वाली सुरक्षा पट्टी होती है। तिरछा करने पर रंग बदलता है और ‘RBI’ व ‘500’ लिखा दिखता है। नकली नोट में यह अक्सर सिर्फ छपी हुई लाइन होती है। - उभरी हुई छपाई (इंटैग्लियो प्रिंटिंग)
‘RBI’, अशोक स्तंभ और गांधी जी की तस्वीर पर उभरी छपाई (Fake Currency Bastar) होती है। उंगलियों से छूने पर असली नोट में हल्का खुरदुरापन महसूस होता है। - माइक्रो लेटरिंग
गांधी जी की तस्वीर के पास बहुत छोटे अक्षरों में ‘RBI’ और ‘500’ लिखा होता है। नकली नोट में ये अक्षर साफ नहीं होते। - सीरियल नंबर
नंबर पैनल में अंक बाएं से दाएं बढ़ते आकार में होते हैं। सभी अंक एक जैसे दिखें तो सतर्क हो जाएं।
नकली नोट मिले तो क्या करें?
नकली नोट को आगे चलाने की कोशिश न करें। तुरंत नजदीकी बैंक शाखा या थाने को सूचना दें। नोट किससे और कब मिला, इसकी जानकारी सुरक्षित रखें।
बस्तर अंचल के हाट बाजारों में नकली नोट की दस्तक ने एक बार फिर नकदी लेन-देन में सतर्कता की जरूरत को उजागर (Fake Currency Bastar) कर दिया है। प्रशासन की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं।




