सीजी भास्कर 12 दिसम्बर अंबिकापुर में Fake Land Agreement Fraud का एक बड़ा मामला आखिर पांच साल बाद खुलकर सामने आया है। दत्ता कॉलोनी निवासी निकुंज गुप्ता को पुलिस ने उस आरोप में गिरफ्तार किया है, जिसमें उसने जमीन के फर्जी एग्रीमेंट दिखाकर 78.97 लाख रुपये हड़प लिए थे। घटना साल 2020 में दर्ज हुई थी और तभी से आरोपी फरार था।
जमीन बेचने का सपना दिखाकर शुरू हुई ठगी
पीड़िता और उनके परिवार ने सेवानिवृत्ति के बाद अंबिकापुर के आसपास जमीन खरीदने की सोची थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात निकुंज से हुई, जिसने रायल पार्क कॉलोनी के पीछे की एक जमीन को किसी अनिल अग्रवाल की संपत्ति बताते हुए सौदा तय करवाने की बात कही। उसने भरोसा दिलाया कि एग्रीमेंट उसके नाम से हो जाएगा और रजिस्ट्री जल्दी पूरी करवा देगा।
पीड़िता ने विश्वास करके अलग-अलग तारीखों में 17,05,000 रुपये दे भी दिए, लेकिन हर बार आरोपी रजिस्ट्री की तारीख आगे बढ़ाता रहा।
नई लोकेशन—नए झांसे—और बढ़ती रकम
रजिस्ट्री न करवाने पर जब सवाल उठे, तो निकुंज ने दूसरा प्लान पेश किया। उसने दावा किया कि टाइम आउट सिनेमा के सामने दो एकड़ से ज्यादा की जमीन दो भाई बेच रहे हैं। इस सौदे के नाम पर भी उसने Land Fraud के तहत बड़ी रकम वसूल ली।
जांच में पाया गया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर, झूठी कहानियां गढ़कर कुल 78,97,000 रुपये हड़प लिए।
पुलिस ने जुटाए सबूत, दर्ज किया मामला
विवेचना में पर्याप्त सबूत मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत अपराध दर्ज कर लिया था। शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद यह साफ हो गया कि पूरा मामला एक सुनियोजित Property Scam का हिस्सा था।
मुखबिर की सूचना से टूटी आरोपित की ढाल
घटना के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा। लेकिन इसी बीच मिली गुप्त सूचना ने पूरा खेल बदल दिया। थाना गांधीनगर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शनि मंदिर के आगे, शिल्पी एजेंसी के पीछे स्थित एक मकान में घेराबंदी की—और वर्षों से फरार चल रहे निकुंज गुप्ता को दबोच लिया।
पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।





