सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर | Fake Police Job Scam में दो आरोपी गिरफ्तार, छह अब भी फरार – दिव्यांग कोटे से नौकरी दिलाने का झांसा देकर की ठगी
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में Fake Police Job Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक युवक से पुलिस आरक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ₹11.30 लाख की ठगी की गई। आरोपी ने दिव्यांग कोटे से नौकरी लगवाने का झांसा दिया और फर्जी नियुक्ति पत्र (fake appointment letter) भी थमा दिया। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी छह फरार हैं।
प्रोफेसर और कंप्यूटर ऑपरेटर बने ठगी के सूत्रधार
मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता राहुल नामक युवक के मामा Alein Kindo ने बताया कि मार्च 2024 में रायगढ़ के एक कॉलेज की हिंदी प्रोफेसर Uttara Sidar और कंप्यूटर ऑपरेटर Sanju Yadav ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे दिव्यांग कोटे (Divyang quota) के तहत राहुल की पुलिस में नौकरी लगवा सकते हैं। इसके लिए पहले 50,000 रुपये की मांग की गई।
“नौकरी पक्की है” कहकर ऐंठे लाखों रुपये
कुछ समय बाद आरोपियों ने कहा कि रायपुर में रहने वाला एक व्यक्ति Vikas Sidar पैसे लेकर “जॉब फाइनल” करवा सकता है। इस बहाने 2.5 लाख रुपये लिए गए। आरोपी ने राहुल के घर पर एक fake appointment letter वाला लिफाफा भी भिजवाया। उसमें आरक्षक पद पर सीट सुनिश्चित होने की बात लिखी थी, जिससे परिवार को भरोसा हो गया कि नौकरी पक्की है।
फर्जी दस्तावेज से हुआ खुलासा
11 महीने में अलग-अलग किस्तों में कुल ₹11.30 लाख आरोपीयों को दिए गए। यह रकम शिकायतकर्ता ने जेवर बेचकर, बीमा पॉलिसी तोड़कर और उधार लेकर दी थी। लेकिन जब महीनों तक कोई जॉइनिंग या कॉल लेटर नहीं आया, तब शक हुआ। जांच कराने पर सामने आया कि नियुक्ति पत्र और अन्य सभी दस्तावेज फर्जी थे।
FIR दर्ज, दो गिरफ्तार – बाकी की तलाश
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि इस Fake Police Job Scam में कुल आठ लोग शामिल हैं, जिनमें हिंदी प्रोफेसर, कंप्यूटर ऑपरेटर, और कुछ निजी बिचौलिए हैं। पुलिस ने Uttara Sidar और Sanju Yadav को गिरफ्तार कर IPC की धारा 420, 468, और 34 के तहत केस दर्ज किया है। छह अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस ने किया अलर्ट जारी
थाना प्रभारी GL Sahu ने बताया कि जांच में पाए गए दस्तावेज पूरी तरह फर्जी थे। पीड़ित से धोखे से वसूले गए 11 लाख 30 हजार रुपये की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी लगाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने में दें।





