Farmer Input Assistance Durg: राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत पंजीकृत धान व बीज उत्पादक किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिल्हा विकासखंड से बटन दबाकर प्रदेशभर के 24.28 लाख किसानों को 10,324.84 करोड़ रुपये की राशि जारी की। यह रकम सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर हुई—जिससे किसानों को (Direct Benefit Transfer) के जरिए समय पर सहारा मिला।
दुर्ग जिले के 1,06,830 किसानों को 407 करोड़ से ज्यादा का लाभ
दुर्ग जिले में इस पहल का असर ज़मीनी स्तर पर साफ दिखा। प्रशासन के मुताबिक, जिले के 1,06,830 किसानों के खातों में कुल 407.89 करोड़ रुपये भेजे गए। राशि सीधे खातों में पहुंचने से बिचौलियों की गुंजाइश कम हुई और (farmer subsidy transfer) की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी नजर आई।
ब्लॉक स्तर पर आयोजन, किसानों से वर्चुअल संवाद
कार्यक्रम दुर्ग, पाटन और धमधा विकासखंडों में एक साथ आयोजित हुए। बड़ी संख्या में किसान पहुंचे, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे और मुख्यमंत्री ने किसानों से वर्चुअल संवाद किया। प्रशासनिक अमले ने मौके पर योजना की शर्तें, पात्रता और आगे की प्रक्रिया समझाई—ताकि लाभार्थियों को भ्रम न रहे।
ब्लॉकवार बंटवारा—किसे कितनी राशि
जिले में वितरण का ब्लॉकवार ब्यौरा भी सामने आया। दुर्ग विकासखंड के 25,057 किसानों को 87.03 करोड़ रुपये, पाटन के 44,122 किसानों को 169.95 करोड़ रुपये और धमधा के 37,651 किसानों को 150.90 करोड़ रुपये मिले। आंकड़ों से साफ है कि पाटन ब्लॉक में लाभार्थियों की संख्या सबसे ज्यादा रही—जिससे स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था में तात्कालिक नकदी प्रवाह बढ़ा।
खरीफ 2025 के धान पर तय दरें, प्रति एकड़ तक सहायता
खरीफ 2025 में उपार्जित धान पर अंतर की राशि तय की गई है। कॉमन धान पर 731 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अधिकतम 15,351 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता मिलेगी, जबकि ग्रेड-ए धान पर 711 रुपये प्रति क्विंटल के आधार पर अधिकतम 14,931 रुपये प्रति एकड़ तय हैं। किसानों का कहना है कि इन दरों से (paddy procurement support) के जरिए बीज, खाद और सिंचाई जैसी जरूरतों में थोड़ी राहत मिलती है।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा—धान से आगे की राह
सरकार ने संकेत दिए हैं कि धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मक्का और कपास जैसी फसलों को अपनाने पर प्रति एकड़ 11,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम (crop diversification incentive) के जरिए जोखिम घटाने और आय बढ़ाने की दिशा में मददगार हो सकता है—बशर्ते बाजार और तकनीकी सपोर्ट साथ चले।


