महासमुंद जिले के किसानों ने बकाया भुगतान को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। रबी सीजन 2024–25 में सिकंदराबाद स्थित एक बीज कंपनी द्वारा जमीन लीज पर लेकर बीज उत्पादन कराया गया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी किसानों को मेहनताना नहीं मिला। इस पूरे मामले को लेकर (Farmers Payment Protest) अब ज़मीन से सड़क तक पहुंच चुका है।
3.74 करोड़ से ज्यादा बकाया, ब्याज जोड़कर बढ़ी राशि
किसानों के अनुसार, मूल बकाया राशि करीब 3.23 करोड़ रुपये है। जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक हर महीने 2 प्रतिशत ब्याज जोड़ने पर कुल देनदारी 3.74 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। भुगतान में देरी ने (Seed Company Payment Issue) को गंभीर बना दिया है, जिससे कई परिवार कर्ज में डूबने की कगार पर पहुंच गए हैं।
पन्नालाल टावर में हुई बैठक, जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस पूरे मामले को लेकर महासमुंद के पन्नालाल टावर में किसानों और मजदूरों की बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधि और किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। किसानों ने साफ कहा कि अगर अब भी भुगतान में टालमटोल हुआ तो (Chhattisgarh Farmer Movement) को और तेज किया जाएगा।
रायपुर तक ट्रैक्टर रैली, प्लांट घेराव की तैयारी
किसानों ने 20 जनवरी को रायपुर के धनेली इलाके में स्थित कंपनी के प्रसंस्करण केंद्र का घेराव करने का ऐलान किया है। महासमुंद से सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राजधानी तक मार्च निकालने की योजना बनाई गई है। यह आंदोलन (Farmers Payment Protest) का अगला बड़ा चरण माना जा रहा है।
रेल रोको आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन पर दबाव
किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो रेल रोको जैसे कदम उठाए जाएंगे। किसानों का कहना है कि आंदोलन से होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित कंपनी की होगी। (Chhattisgarh Farmer Movement) अब केवल भुगतान का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और न्याय की लड़ाई बनता जा रहा है।





