सीजी भास्कर, 20 फरवरी | रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में संचालित भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की श्यामनगर शाखा से जुड़े खाते में कथित तौर पर किस्तों के जरिए 9.53 लाख रुपये की हेराफेरी सामने आई है। कंपनी प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह मामला (Finance Company Fraud Case) के तौर पर दर्ज हुआ है।
पोस्टिंग अवधि में रकम का गबन
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी रामेश्वर दास 19 मार्च 2023 से 31 मई 2024 तक शाखा प्रबंधक के पद पर तैनात था। इसी अवधि में खातों में दर्ज लेन-देन और जमा रसीदों के मिलान में अंतर पाया गया। कंपनी के आंतरिक दस्तावेज़ों में सामने आए इस अंतर को (Finance Company Fraud Case) की जांच का मुख्य आधार बनाया गया है।
ऑडिट रिपोर्ट से खुला फर्जीवाड़ा
आरोपी के कंपनी छोड़ने के बाद कराए गए ऑडिट में कई प्रविष्टियों पर सवाल उठे। जमा की गई किस्तों का आंशिक मिलान, कुछ रसीदों का अभाव और कैश-बुक एंट्री में गड़बड़ी जैसे बिंदुओं ने प्रबंधन को पुलिस तक पहुंचने पर मजबूर किया। ऑडिट निष्कर्षों को (Finance Company Fraud Case) में साक्ष्य के तौर पर संलग्न किया गया है।
शिकायत पर FIR, पुलिस जांच तेज
कंपनी प्रतिनिधि दीपक कुमार मोरचे की शिकायत पर तेलीबांधा थाना में FIR दर्ज की गई है। थाना प्रभारी अविनाश सिंह के मुताबिक, दस्तावेज़ी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और लेन-देन के डिजिटल ट्रेल की भी जांच हो रही है। मामले में आगे की कार्रवाई (Finance Company Fraud Case) की धाराओं के तहत की जा रही है।
तीन साल बाद सामने आई परतें
प्रबंधन का कहना है कि आंतरिक नियंत्रण मजबूत होने के बाद पुराने रिकॉर्ड की पुनः जांच की गई, तभी यह अनियमितता उजागर हुई। पुलिस का फोकस अब राशि की रिकवरी, संभावित सह-आरोपियों की भूमिका और धन के अंतिम गंतव्य पर है, ताकि (Finance Company Fraud Case) में जवाबदेही तय की जा सके।






