सीजी भास्कर, 14 जनवरी। धान खरीदी (FIR in Paddy Purchase) व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। भौतिक सत्यापन के दौरान 124 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाए जाने पर उपार्जन केंद्र मनोहरा के धान खरीदी प्रभारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही, हेराफेरी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर 5 जनवरी को उपार्जन केंद्र मनोहरा का औचक भौतिक सत्यापन किया गया था। सत्यापन के दौरान केंद्र में दर्ज स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में कुल 124.80 क्विंटल धान (313 बोरी) कम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 95 हजार 651 रुपये 20 पैसे आंकी गई है।
जांच में यह सामने आया कि धान खरीदी प्रभारी ऋषि कुमार शर्मा द्वारा शासन की धान खरीदी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक जांच में अमानत में खयानत और छलपूर्वक शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के संकेत मिलने के बाद उपायुक्त सहकारिता के निर्देश पर थाना हथबंद में 13 जनवरी 2026 को एफआईआर (FIR in Paddy Purchase) दर्ज कराई गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई धान खरीदी व्यवस्था को लेकर अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। जिला प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि खरीदी केंद्रों में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में जिले में धान खरीदी को लेकर निगरानी और सख्त की गई है। इससे पहले भी एक राइस मिलर के खिलाफ धान से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी सभी उपार्जन केंद्रों का नियमित और औचक निरीक्षण जारी रहेगा।
प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता, कटौती या अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।




