सीजी भास्कर, 17 दिसंबर। उत्तर भारत में लगातार पड़ रहे घने कोहरे के चलते यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है।
इन दर्दनाक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ परिवहन आयुक्त कार्यालय ने राज्यभर के लिए विशेष सड़क सुरक्षा एडवाइजरी (Fog Road Safety Advisory) जारी की है। एडवाइजरी के तहत महासमुंद सहित सभी जिलों में यात्री बस संचालकों, ट्रक चालकों और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन आयुक्त द्वारा जारी एडवाइजरी (Fog Road Safety Advisory) में स्पष्ट किया गया है कि घने कोहरे में वाहन चलाना अत्यंत जोखिमपूर्ण होता है। कोहरे में दृश्यता बेहद कम हो जाती है,
जिससे सामने चल रहे वाहन, मोड़, ब्रेकर या अचानक रुकावट का अंदाजा समय पर नहीं लग पाता। ऐसी स्थिति में वाहन चलाना आंखों पर पट्टी बांधकर गाड़ी चलाने जैसा है। इसी कारण कोहरे के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
एडवाइजरी के अनुसार, कोहरे में वाहन चलाते समय गति सीमित रखें और हेडलाइट हमेशा चालू रखें। हेडलाइट को लो बीम मोड में ही रखें, क्योंकि हाई बीम लाइट कोहरे में प्रकाश को फैलाकर दृश्यता और कम कर देती है।
जिन वाहनों में फॉग लैंप की सुविधा है, उन्हें अनिवार्य रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे में न केवल चालक को सामने का रास्ता दिखना जरूरी है, बल्कि अन्य वाहनों को भी अपनी मौजूदगी का संकेत देना उतना ही आवश्यक है।
इसके अलावा, वाहन चालकों को डिफॉस्टर और विंडस्क्रीन वाइपर का सही उपयोग करने, वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने, लेन अनुशासन का पालन करने और अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने की सलाह दी गई है। यदि कोहरा अत्यधिक घना हो और वाहन चलाना सुरक्षित न लगे, तो चालक वाहन को सड़क किनारे किसी सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर इंडिकेटर और पार्किंग लाइट चालू रखें।
जिला प्रशासन और परिवहन विभाग महासमुंद ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे जारी की गई इस एडवाइजरी (Fog Road Safety Advisory) का सख्ती से पालन करें। समय पर सतर्कता और नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। यह एडवाइजरी केवल नियम नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की जान की सुरक्षा से जुड़ा संदेश है।





