सीजी भास्कर, 08 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार जंगलों में आग (Forest Fire) की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम (Forest Fire Alert System) अब जंगलों का सतर्क प्रहरी बन गया है। यह प्रणाली जंगलों में आग लगने की सूचना कुछ ही मिनटों में संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर वन संपदा, वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वन संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इस अत्याधुनिक तकनीक को राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विकसित यह प्रणाली वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बना रही है।
5 से 10 मिनट में मिलता है फायर अलर्ट
वन विभाग के अनुसार पहले जंगल में आग लगने की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था। इस दौरान आग कई बार बड़े क्षेत्र में फैल जाती थी। लेकिन अब ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम के जरिए पूरी प्रक्रिया केवल 5 से 10 मिनट में पूरी हो जाती है, जिससे समय रहते आग पर नियंत्रण संभव हो रहा है।
सैटेलाइट और एआई तकनीक से होती है निगरानी
यह प्रणाली सैटेलाइट (Satellite) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) आधारित तकनीक पर काम करती है। उपग्रह जंगलों में तापमान में होने वाले असामान्य बदलाव की पहचान करते हैं। वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद आग की पुष्टि होने पर संबंधित वन मंडल, रेंज और बीट स्तर के अधिकारियों को तत्काल एसएमएस और ई-मेल के जरिए अलर्ट भेज दिया जाता है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी कार्यक्षमता
वन विभाग ने इस सिस्टम को जीआईएस (GIS) आधारित रियल टाइम डैशबोर्ड से जोड़ा है। इसके जरिए अधिकारी वनाग्नि की घटनाओं पर लगातार नजर रखते हैं। सूचना मिलते ही फील्ड स्टाफ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करता है और उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करता है। इससे भविष्य की रणनीति तैयार करने और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद मिल रही है।
जनजागरूकता और तैयारी पर भी फोकस
वन विभाग केवल तकनीक पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि हर वर्ष वनाग्नि सीजन से पहले फायर लाइन निर्माण, जनजागरूकता अभियान, प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल भी आयोजित करता है। इसका उद्देश्य जंगलों में आग की घटनाओं को न्यूनतम करना और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
वन संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से वन संपदा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना है कि यह प्रणाली वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।



