सीजी भास्कर, 30 अगस्त। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने हाल ही में राजस्थान विधानसभा से पेंशन प्राप्त करने के लिए औपचारिक आवेदन किया है।
विधायक रहते मिली पेंशन का अधिकार
धनखड़ वर्ष 1993 में कांग्रेस के टिकट पर किशनगढ़ (अजमेर) से विधायक चुने गए थे। इस आधार पर उन्हें राजस्थान विधानसभा से पेंशन पाने का अधिकार है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पुष्टि की है कि उनका आवेदन प्राप्त हो चुका है और प्रक्रिया जारी है।
हर महीने मिलेंगे 42 हजार रुपये
नियमों के मुताबिक, 74 वर्षीय धनखड़ को लगभग 42,000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
राजस्थान में नेताओं के लिए डबल और ट्रिपल पेंशन की व्यवस्था है।
यानी, यदि कोई व्यक्ति विधायक और सांसद दोनों पदों पर रह चुका है तो उसे दोनों की पेंशन मिल सकती है।
यही कारण है कि कई पूर्व नेता एक साथ अलग-अलग पदों की पेंशन उठा रहे हैं।
इस्तीफे के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
गौरतलब है कि 21 जुलाई 2025 को धनखड़ ने अचानक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया।
इस कदम ने राष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी थी क्योंकि उनका कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था।
विपक्ष का निशाना
धनखड़ के इस्तीफे और अब पेंशन आवेदन पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
- राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था – “राज्यसभा में जिनकी आवाज़ गूंजती थी, वो अचानक खामोश क्यों हो गए? आखिर ऐसी क्या वजह है कि वे एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे?”
- वहीं कपिल सिब्बल ने तंज कसा कि अब तक केवल “लापता लेडीज” की कहानियां सुनी थीं, लेकिन “लापता वाइस प्रेसिडेंट” पहली बार सामने आए हैं।
उन्होंने यहां तक कहा कि उनकी मौजूदा स्थिति और लोकेशन को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ रही है, जिससे विपक्ष सतर्क रहने की अपील कर रहा है।