Fraud Case Raipur: महिला को समिति का सदस्य बनाने का लालच देकर की लाखों की ठगी
शहर में सामने आए इस गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी (financial fraud) मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिकायतकर्ता पुष्पा नामदेव ने बताया कि राजू बाघ नामक व्यक्ति ने खुद को “अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति” का अध्यक्ष बताकर उनसे मुनाफा कमाने (profit claim) का लालच दिया और इसी बहाने करीब ₹5,40,000/- हड़प लिए।
Fraud Scheme Exposure: मार्च-अप्रैल 2024 में किश्तों में भेजे थे पैसे
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में पुष्पा नामदेव की पहचान सब्ज़ी विक्रेता राजू बाघ से हुई। धीरे-धीरे विश्वास बनाकर उसने समिति का सदस्य बनाने के नाम पर पहली किश्त में 1 लाख रुपये माँगे और मार्च-अप्रैल 2024 के दौरान ऑनलाइन पैसे अपने मोबाइल नंबर पर मंगवाता रहा।
इसी बहाने कुल 7 लाख रुपये तक वह महिला से वसूल चुका था।
बीच-बीच में वह थोड़ा-बहुत पैसा प्रॉफिट की तरह वापस भेजकर विश्वास बनाए रखता था।
Fraud Case Raipur: रकम वापस माँगने पर बदला रवैया, गाली-गलौज और धमकी तक दी
मामला तब बिगड़ा जब शिकायतकर्ता ने पैसे वापस माँगे।
आरोपी ने:
- अश्लील गाली-गलौज की
- धमकी दी कि “कोर्ट गई तो उठवा दूँगा”
- और फोन बंद कर घर छोड़कर गायब हो गया
दिसंबर 2024 में दोनों के बीच 5,40,000 रुपये शेष होने का लिखित इकरारनामा भी बना — लेकिन पैसा फिर भी नहीं लौटाया गया।
Fraud Network Link: अन्य पीड़ित भी आए सामने, संस्था निकली फर्जी
जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने इसी fake organization (फर्जी संस्था) के नाम पर कई लोगों से रकम वसूली की है।
न तो संस्था का कोई वास्तविक कार्य था,
न रोजगार प्रशिक्षण,
न कोई वैध मुनाफे का मॉडल।
राजू बाघ, प्राप्त राशि को निजी ब्याज कारोबार में लगाता था।
Fraud Case Raipur: पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ा काम किया
टिकरापारा पुलिस ने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की और:
- शिकायतकर्ता व गवाहों के बयान दर्ज किए
- ऑनलाइन भुगतान के लेन-देन जब्त किए
- आरोपी का ठिकाना खोजा
- और 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया
आरोपी से बरामद:
- संस्था से जुड़े रसीदें
- पंजीयन कागज़
- आईडी कार्ड
- बैंक पासबुक
- कई एटीएम कार्ड
- रबर स्टाम्प
- मोबाइल फोन
- और व्यक्तिगत पहचान दस्तावेज़
सब को जप्त कर लिया गया है।
Accused Detail
नाम: राजू बाघ पिता कमल बाघ
उम्र: 42 वर्ष
स्थायी पता: इन्द्राभाठा मोवा
वर्तमान पता: BSUP कॉलोनी, काठाडीह
कौन-कौन अधिकारी शामिल रहे
इस कार्रवाई में पुलिस टीम का योगदान अहम रहा।
टीम में शामिल रहे:
- उप निरीक्षक बालेश्वर लहरें
- आरक्षक सुरजीत सिंगर
- दया शंकर शर्मा
- और आरक्षक अरुण
जिन्होंने लगातार लोकेशन ट्रैकिंग व दबिशों के बाद आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई।
किस धाराओं में केस दर्ज हुआ
एफआईआर अपराध क्रमांक 930/25
धारा — 318(4), 296, 351(2) बीएनएस




