सीजी भास्कर, 26 सितंबर। छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही कार्यालय जनपद पंचायत गौरेला में कलेक्टर दर पर पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक जायसवाल को 15वें वित्त की राशि डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) से (Fraud Payment DSC) फर्जी भुगतान करने पर तत्काल प्रभाव से कंप्यूटर ऑपरेटर के पद से पृथक कर दिया गया है।
जनपद सीईओ गौरेला द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यालयीन कार्य संपादन हेतु दीपक जायसवाल से कम्प्यूटर ऑपरेटर का कार्य लिया जा रहा था।
सहायक लेखाधिकारी जनपद पंचायत गौरेला एवं विभिन्न ग्राम पंचायतों से प्राप्त शिकायत के अनुसार दीपक जायसवाल कम्प्यूटर ऑपरेटर के द्वारा लेखा अधिकारी के डी.एस.सी. का (Fraud Payment DSC) दुरुपयोग करते हुए राशि विभिन्न खातों में जमा कराया गया है।
सहायक लेखाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार डी.एस.सी. दीपक जायसवाल के पास रखा गया था।
श्री जायसवाल द्वारा सहायक लेखाधिकारी के प्रोफाईल में अन्य ई-मेल आईडी एवं मोबाईल नंबर जनरेट किया गया है। यह गंभीर लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितता के साथ-साथ आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।
जनपद पंचायत सूत्रों ने बताया कि दीपक जायसवाल माह सितंबर 2025 से लगातार अनुपस्थित हैं। प्रथम दृष्टया दीपक जायसवाल के द्वारा कार्यों में लापरवाही एवं अनियमितता बरती गयी है।
इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद से पृथक कर दिया गया है। साथ ही थाना गौरेला में उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR Fraud Case) भी दर्ज कराई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



